पी.वी. सिंधु ने रचा इतिहास, अकाने यामागुची को हराकर जीता जापान ओपन 2026 का खिताब
टोक्यो, 19 जुलाई (हि.स.)। भारत की स्टार शटलर पी.वी. सिंधु ने रविवार को शानदार प्रदर्शन करते हुए जापान की अकाने यामागुची को सीधे गेमों में हराकर जापान ओपन 2026 महिला एकल का खिताब अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ सिंधु जापान ओपन जीतने वाली पहली भारतीय
पीवी सिंधु


टोक्यो, 19 जुलाई (हि.स.)। भारत की स्टार शटलर पी.वी. सिंधु ने रविवार को शानदार प्रदर्शन करते हुए जापान की अकाने यामागुची को सीधे गेमों में हराकर जापान ओपन 2026 महिला एकल का खिताब अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ सिंधु जापान ओपन जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं।

फाइनल मुकाबले में सिंधु ने आक्रामक स्मैश, सटीक ड्रॉप शॉट और बेहतरीन कोर्ट कवरेज का प्रदर्शन करते हुए घरेलू खिलाड़ी यामागुची को 21-17, 21-17 से मात्र 50 मिनट में पराजित किया। इसके साथ ही उन्होंने अपने करियर का पहला बीडब्ल्यूएफ सुपर 750 खिताब भी जीत लिया।

चार साल बाद जीता बड़ा खिताब

31 वर्षीय सिंधु के लिए यह सिंगापुर ओपन सुपर 500 (2022) के बाद पहला बड़ा खिताब है। पिछले दो वर्षों में चोटों के कारण उन्हें कई कठिन दौर से गुजरना पड़ा था और वह अपनी लय व निरंतरता हासिल करने के लिए संघर्ष कर रही थीं। जापान ओपन का यह खिताब उनके शानदार वापसी का प्रमाण है।

यामागुची पर बढ़ाई बढ़त

इस जीत के साथ सिंधु ने तीन बार की विश्व चैंपियन अकाने यामागुची के खिलाफ अपने आमने-सामने के रिकॉर्ड को 16-14 कर लिया। इससे पहले उन्होंने यामागुची को 2022 थाईलैंड ओपन में पूर्ण मुकाबले में हराया था।

पहले गेम में शानदार वापसी

पहले गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। मध्यांतर तक यामागुची दो अंकों की बढ़त पर थीं, लेकिन इसके बाद सिंधु ने अपने खेल का स्तर ऊंचा किया और लगातार दबाव बनाया।

17-15 के स्कोर पर दोनों खिलाड़ियों के बीच 38 शॉट की शानदार रैली हुई, जिसमें यामागुची ने बेहतरीन रक्षण किया। हालांकि 17-17 की बराबरी के बाद सिंधु ने लगातार चार अंक जीतकर पहला गेम 21-17 से अपने नाम कर लिया।

दूसरे गेम में नहीं दिया मौका

दूसरे गेम में सिंधु ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया और 8-3 तथा फिर 14-7 की मजबूत बढ़त बना ली। यामागुची ने अंतिम चरण में वापसी करते हुए स्कोर 19-17 तक पहुंचाया, लेकिन सिंधु ने संयम बनाए रखा और लगातार दो अंक जीतकर मैच तथा खिताब अपने नाम कर लिया।

इस जीत के साथ पी.वी. सिंधु ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह विश्व बैडमिंटन की सबसे बड़ी खिलाड़ियों में शामिल हैं और आने वाले बड़े टूर्नामेंटों के लिए भी उन्होंने अपने मजबूत इरादों का संकेत दे दिया है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील दुबे