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जम्मू, 19 जुलाई (हि.स.)। श्री माता वैष्णो देवी विश्वविद्यालय के शोध एवं नवाचार क्षेत्र को एक बड़ी उपलब्धि मिली है। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद ने विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ मैकेनिकल इंजीनियरिंग को रिसर्च प्रमोशन स्कीम के तहत 28 लाख रुपये की शोध परियोजना स्वीकृत की है। ऑटोमोटिव इस्तेमाल के लिए बेहतर एनर्जी एब्जॉर्प्शन और एकोस्टिक्स वाले 3डी प्रिंटेड फंक्शनली ग्रेडेड लैटिस स्ट्रक्चर शीर्षक वाली इस परियोजना का नेतृत्व डॉ. अंकुश रैना प्रधान अन्वेषक के रूप में करेंगे जबकि डॉ. मीर इरफान-उल-हक सह-प्रधान अन्वेषक होंगे।
यह परियोजना आईआईटी रोपड़, एनआईटी कुरुक्षेत्र तथा एक औद्योगिक साझेदार के सहयोग से संचालित की जाएगी। परियोजना का उद्देश्य अत्याधुनिक 3डी प्रिंटिंग तकनीक का उपयोग कर ऑटोमोबाइल क्षेत्र के लिए अधिक सुरक्षित, हल्के, टिकाऊ तथा कम शोर वाले नवाचार विकसित करना है। इसके माध्यम से एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में अनुसंधान को बढ़ावा मिलने के साथ उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग भी मजबूत होगा।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. प्रगति कुमार ने इस उपलब्धि पर शोध दल को बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धी एआईसीटीई शोध अनुदान प्राप्त होना विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय है। वहीं डॉ. अंकुश रैना ने एआईसीटीई और विश्वविद्यालय प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह परियोजना अत्याधुनिक तकनीकों पर शोध को गति देने के साथ विद्यार्थियों और युवा शोधकर्ताओं को व्यावहारिक अनुसंधान के नए अवसर प्रदान करेगी। विश्वविद्यालय ने इसे अनुसंधान उत्कृष्टता, नवाचार और तकनीकी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
हिन्दुस्थान समाचार / राहुल शर्मा