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नई दिल्ली, 19 जुलाई (हि.स.)। उत्तर-पूर्वी दिल्ली की साइबर थाना पुलिस ने सेक्सटॉर्शन के जरिए 5.80 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल एक मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपित राजस्थान के मेवात क्षेत्र से संचालित एक संगठित सेक्सटॉर्शन सिंडिकेट से जुड़े हुए हैं। मामले में आगे की जांच जारी है।
पुलिस के अनुसार, गंगा विहार निवासी एक व्यक्ति ने शिकायत दी थी कि 6 मई 2026 को उसे व्हाट्सएप पर एक अज्ञात महिला की वीडियो कॉल आई। महिला ने खुद को उसकी सोशल मीडिया फ्रेंड बताकर बातचीत शुरू की और बातचीत के दौरान उसका आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड कर लिया।
इसके बाद पीड़ित को अलग-अलग नंबरों से लगातार कॉल आने लगीं। कॉल करने वाले खुद को पुलिस अधिकारी, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के अधिकारी और सरकारी एजेंसियों का कर्मचारी बताकर धमकाने लगे। आरोपियों ने वीडियो वायरल करने, कानूनी कार्रवाई कराने और गिरफ्तार करवाने की धमकी देकर पीड़ित से अलग-अलग बैंक खातों, यूपीआई आईडी और क्यूआर कोड के जरिए करीब 5.80 लाख रुपये वसूल लिए।
ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने उत्तर-पूर्वी जिले के साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने बैंक अकाउंट और डिजिटल ट्रांजैक्शन की तकनीकी व वित्तीय जांच शुरू की। जांच के दौरान ठगी की रकम जिन बैंक खातों में पहुंची थी, उनके आधार पर दो आरोपियों की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस ने क्रमवार तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपितों में से एक बैंक खाते उपलब्ध कराता था, दूसरा खातों के संचालन में मदद करता था, जबकि तीसरा एटीएम से ठगी की रकम निकालने का काम करता था। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान हरियाणा के फरीदाबाद निवासी इमरान (23), कुनाल (22) और राजेश (18) के रूप में हुई है। इमरान के पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया एक मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी बरामद किया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने राजस्थान के मेवात क्षेत्र से संचालित एक संगठित सेक्सटॉर्शन नेटवर्क के बारे में जानकारी दी है। अब पुलिस इस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों की पहचान कर उनकी तलाश में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में वित्तीय लेनदेन, बैंक खातों और डिजिटल ट्रेल की गहन जांच की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / कुमार अश्वनी