कैंब्रियन पब्लिक स्कूल में कंप्यूटेशनल थिंकिंग और एआई पर कार्यशाला
रांची, 19 जुलाई (हि.स.)। कैंब्रियन पब्लिक स्कूल, कांके में रविवार को सीबीएसई के डिस्ट्रिक्ट लेवल डिलीवरी कार्यक्रम के तहत विद्यालयों के लिए ''कंप्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की समझ'' विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला म
कार्यशाला में जुटे लोगों की तस्वीर


रांची, 19 जुलाई (हि.स.)। कैंब्रियन पब्लिक स्कूल, कांके में रविवार को सीबीएसई के डिस्ट्रिक्ट लेवल डिलीवरी कार्यक्रम के तहत विद्यालयों के लिए 'कंप्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) की समझ' विषय पर कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में विभिन्न विद्यालयों के प्रतिनिधियों ने कंप्यूटेशनल थिंकिंग, मशीन लर्निंग, न्यूरल नेटवर्क तथा नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों पर अपने अनुभव और शोध साझा किए।

कार्यशाला का उद्घाटन विद्यालय की निदेशक सह प्राचार्या परमजीत कौर, झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय के प्रो. सुभाष चंद्र यादव, बीआईटी मेसरा के सहायक प्रोफेसर के. श्रीधर पटनायक, एसआर डीएवी के प्राचार्य डॉ. तापस घोष तथा डॉ. प्रतीक विश्वास ने दीप प्रज्वलित कर किया।

इस अवसर पर परमजीत कौर ने कहा कि बदलते समय के साथ सकारात्मक परिवर्तनों को अपनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कंप्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वर्तमान शिक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण आवश्यकता बन चुके हैं। इनके विवेकपूर्ण उपयोग से विद्यार्थियों में तार्किक सोच, समस्या समाधान की क्षमता और रचनात्मकता का विकास होता है। उन्होंने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को अपनाने पर भी बल दिया।

मुख्य वक्ता प्रो. सुभाष चंद्र यादव ने कहा कि कंप्यूटेशनल थिंकिंग जटिल समस्याओं का तार्किक और व्यवस्थित समाधान खोजने की प्रक्रिया है, जबकि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उन समाधानों को प्रभावी रूप से लागू करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि भविष्य की शिक्षा और रोजगार के बदलते परिदृश्य में इन दोनों विषयों की समझ विद्यार्थियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।

कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका सीमा चंद्रिका तिवारी ने किया। कार्यशाला में विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक, छात्र-छात्राएं और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े अन्य प्रतिभागी उपस्थित रहे।------------

हिन्दुस्थान समाचार / Manoj Kumar