उत्तराखंड में पेड़ से लटके मिले नवविवाहित दंपती के शव, परिजनों ने हत्या की आशंका जताई
अलवर, 19 जुलाई (हि.स.)। जिले के नौगांवा थाना क्षेत्र के प्यारीबास शेखपुर गांव के नवविवाहित दंपती के शव उत्तराखंड के कोटद्वार के निकट जंगल में पेड़ से लटके मिलने से सनसनी फैल गई। मृतकों की पहचान सतविंदर सिंह और उनकी पत्नी अमनदीप कौर के रूप में हुई ह
अलवर. अस्पताल में पोस्टमार्टम के दौरान मौजूद भीड़।


अलवर कपल


अलवर, 19 जुलाई (हि.स.)। जिले के नौगांवा थाना क्षेत्र के प्यारीबास शेखपुर गांव के नवविवाहित दंपती के शव उत्तराखंड के कोटद्वार के निकट जंगल में पेड़ से लटके मिलने से सनसनी फैल गई। मृतकों की पहचान सतविंदर सिंह और उनकी पत्नी अमनदीप कौर के रूप में हुई है। अमनदीप तीन माह की गर्भवती थीं। परिजनों ने घटना को आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है। मृतक के पिता ने बहू के साथ दुष्कर्म के बाद दोनों की हत्या कर शव पेड़ से लटकाने का आरोप लगाया है तथा निष्पक्ष जांच की मांग की है।

सतविंदर सिंह का विवाह इसी वर्ष जनवरी में उत्तराखंड के प्रेमनगर निवासी अमनदीप कौर से हुआ था। करीब 15 दिन पहले अमनदीप अपने पीहर गई थीं। उन्हें वापस लाने के लिए सतविंदर 15 जुलाई को उत्तराखंड पहुंचे थे। परिजनों के अनुसार 16 जुलाई को दोनों बाइक से मोबाइल ठीक कराने के लिए कोटद्वार जाने की बात कहकर निकले थे। रास्ते में सतविंदर ने अपने पिता मगर सिंह से मोबाइल खराब होने के कारण पेटीएम के माध्यम से तीन हजार रुपये भेजने को कहा था। इसके बाद दोनों से संपर्क नहीं हो सका और उनके मोबाइल फोन बंद हो गए। इस पर परिजनों ने पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई।

17 जुलाई को एक व्यक्ति ने सड़क किनारे चाबी लगी बाइक और उस पर टंगा महिला का बैग देखकर पुलिस और परिजनों को सूचना दी। पुलिस ने आसपास के जंगल में तलाश अभियान चलाया। देर रात करीब एक बजे जंगल में एक पेड़ से दोनों के शव लटके मिले। घटनास्थल से दोनों के टूटे हुए मोबाइल फोन भी बरामद हुए। परिजनों ने बताया कि अमनदीप के गर्भवती होने से दोनों परिवार नए सदस्य के आगमन की तैयारियों में जुटे थे। वहीं सतविंदर स्नातक की पढ़ाई कर रहा था और परिवार को उससे काफी उम्मीदें थीं। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।

शनिवार को दोनों शव अलवर के नौगांवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाए गए। पोस्टमार्टम के दौरान परिजनों और समाज के लोगों ने मामले को संदिग्ध बताते हुए दोबारा पोस्टमार्टम तथा उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की। परिजनों का कहना है कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या का मामला है।

सूचना पर नौगांवा थाना प्रभारी हरदयाल सिंह यादव पुलिस दल के साथ अस्पताल पहुंचे और परिजनों को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया। इसके बाद दोनों शव गांव लाए गए, जहां गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुमार