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सूरजपुर, 13 जुलाई (हि.स.)। सूरजपुर जिले में टीबी मुक्त भारत अभियान को नई दिशा देने की पहल के तहत सोमवार कलेक्टर रेना जमील और जिला पंचायत सीईओ विजेंद्र पाटले के नेतृत्व में समय-सीमा की बैठक के दौरान 20 टीबी मरीजों को गोद लेकर उन्हें अतिरिक्त पोषण सहायता उपलब्ध कराने की शुरुआत की गई। इस अभियान के तहत अधिकारी निक्षय मित्र बनकर मरीजों को उपचार अवधि में नियमित पोषण सहायता प्रदान करेंगे।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा टीबी मुक्त भारत – गांव-गांव, शहर-शहर 100 दिवसीय अभियान के तहत टीबी मरीजों के उपचार के साथ-साथ उन्हें पोषण आहार उपलब्ध कराने और अधिक से अधिक निक्षय मित्र जोड़ने का अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत सामाजिक भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
कलेक्टर रेना जमील ने कहा कि टीबी मरीजों को पोषण आहार किट उपलब्ध कराने से उनके उपचार में मदद मिलेगी और समाज में बीमारी को लेकर जागरूकता बढ़ेगी। साथ ही मरीजों के प्रति भेदभाव कम होगा और सूरजपुर को टीबी मुक्त जिला बनाने के लक्ष्य को गति मिलेगी।
जिला पंचायत सीईओ विजेंद्र पाटले ने प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान की जानकारी देते हुए अधिकारियों से निक्षय मित्र बनने की अपील की। इसके बाद महिला एवं बाल विकास, खाद्य, वन, खनिज, उद्यान, पंचायत, शिक्षा, राजस्व और अन्य विभागों के कई अधिकारियों ने निक्षय मित्र बनकर चयनित टीबी मरीजों को छह माह तक उच्च प्रोटीनयुक्त पोषण आहार उपलब्ध कराने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान सभी नए निक्षय मित्रों का पंजीयन निक्षय पोर्टल पर किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. के.डी. पैंकरा ने बताया कि अभियान के तहत अब तक जिले में 96 निक्षय मित्र पंजीकृत किए जा चुके हैं। इनमें 70 अतिरिक्त पोषण सहायता और 26 सामाजिक-मानसिक सहयोग के लिए कार्य कर रहे हैं। अभियान की शुरुआत से अब तक 1432 पोषण आहार किट टीबी मरीजों को वितरित की जा चुकी हैं, जबकि 156 मरीजों को सामाजिक एवं मानसिक सहयोग भी उपलब्ध कराया गया है।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि अभियान में माय भारत वालंटियर, एनएसएस, विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के सीएसआर और सामाजिक संगठनों का भी सहयोग लिया जा रहा है। प्रशासन का लक्ष्य जल्द ही जिले के सभी टीबी मरीजों को पोषण सहायता से जोड़ना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय