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- जून में आयात-निर्यात के बीच अंतर बढ़ने से व्यापार घाटा 30.43 अरब डॉलर
नई दिल्ली, 13 जुलाई (हि.स)। देश का वस्तु निर्यात निर्यात जून में सालाना आधार पर 15.5 फीसदी बढ़कर 40.41 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जो पिछले वर्ष जून, 2025 में 34.98 अरब डॉलर रहा था। इस दौरान आयात करीब 31 फीसदी बढ़कर 70.84 अरब डॉलर रहा। इससे जून महीने में व्यापार घाटा बढ़कर 30.43 अरब डॉलर हो गया।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने सोमवार को जारी आंकड़ों में बताया कि कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) और कीमती धातुओं की वैश्विक कीमतों में तेजी के कारण आयात में निर्यात की तुलना में अधिक बढ़ोतरी दर्ज की गई। आयात में 31 फीसदी की बढ़ोतरी होने की वजह से यह 70.84 अरब डॉलर पर पहुंच गया, जबकि पिछले वर्ष जून में यह 54.08 अरब डॉलर था। इसके कारण व्यापार घाटा जून, 2025 के 19.10 अरब डॉलर से लगभग 59 फीसदी बढ़कर 30.43 अरब डॉलर पर पहुंच गया।
मंत्रालय के मुताबिक चालू वित्त वर्ष 2026-27 की (अप्रैल-जून) पहली तिमाही के दौरान निर्यात 15.92 फीसदी बढ़कर 129.32 अरब डॉलर रहा, जबकि आयात 19.89 फीसदी बढ़कर 216.18 अरब डॉलर हो गया। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में सोने का आयात बढ़कर 11.01 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले साल अप्रैल-जून में 7.49 अरब डॉलर रहा था।
वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने संवाददाताओं को बताया कि जून में पश्चिम एशियाई देशों को भारत का निर्यात 7.29 फीसदी बढ़कर 5 अरब डॉलर हो गया। अग्रवाल ने कहा कि कच्चे तेल, इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीनरी और कीमती धातुओं के आयात बढ़ने के कारण कुल आयात बढ़ा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रजेश शंकर