जींद : गर्मी से जनजीवन बेहाल, 43 डिग्री पर पहुंचा तापमान
पश्चिमी हवाओं ने बढ़ाई तपिश, दोपहर में सड़कों पर छाया सन्नाटा
दोपहर के समय खाली नजर आता गोहाना रोड।


जींद, 08 जून (हि.स.)। सूरज ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। सोमवार सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। सोमवार को अधिकतम तापमान दो डिग्री बढ़ कर 43 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया जबकि न्यूनतम तापमान भी दो डिग्री बढ़ कर 31 डिग्री रहा। मौसम में आद्रता 18 प्रतिशत व हवा की गति 16 किलोमीटर प्रति घंटा रही। दिन चढऩे के साथ गर्मी और अधिक झुलसाने लगी है। इस दौरान लोगों ने छबील लगाकर राहगीरों को ठंडा पानी पिलाया।

पश्चिमी दिशा से चल रही गर्म हवाओं के कारण लू का असर भी साफ दिखाई देने लगा है। दोपहर के समय बाजारों और सड़कों पर अपेक्षाकृत कम आवाजाही देखने को मिली। जबकि लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। गर्मी के बढ़ते प्रकोप का असर बच्चों, बुजुर्गों और दिहाड़ी मजदूरों पर सबसे अधिक पड़ रहा है। खेतों में काम करने वाले किसान भी सुबह और शाम के समय ही काम करने को मजबूर हैं। पश्चिमी हवाओं के कारण वातावरण में नमी कम होने से गर्मी और अधिक महसूस की जा रही है। दोपहर के समय चलने वाली लू लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। लगातार बढ़ रही गर्मी के कारण बिजली की मांग भी लगातार बढ़ रही है।

वहीं शीतल पेय, नींबू पानी और अन्य ठंडे पेय पदार्थों की मांग भी बढ़ गई है। अगले दो से तीन दिन तक गर्मी और लू का असर बना रह सकता है। गांव पांडू पिंडारा मौसम विज्ञान केंद्र के मौसम विशेषज्ञ डा. राजेश ने बताया कि फिलहाल अगले कुछ दिनों तक गर्मी के तीखे तेवर झेलने पड़ेंगेए जिसके बाद कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम में बदलाव होने पर लोगों को भीषण गर्मी और लू से काफी राहत मिलने की उम्मीद है। फसलों के लिए यह मौसम परिवर्तन फायदेमंद साबित हो सकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / विजेंद्र मराठा