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जांजगीर-चांपा, 8 जून (हि. स.)। जिले में आगामी खरीफ सीजन, मानसून पूर्व तैयारियों, शिक्षा व्यवस्था, वृक्षारोपण अभियान और जन शिकायतों के निराकरण को लेकर कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जाएं। आज सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में कलेक्टर ने विभिन्न विभागों की योजनाओं और गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए अधिकारियों की जिम्मेदारियां तय कीं।
बैठक में कलेक्टर ने खरीफ सीजन की तैयारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि किसानों को खाद, बीज और सिंचाई सुविधाओं को लेकर किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कृषि विभाग और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि उर्वरक एवं बीजों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जाए। इस दौरान जिले में उपलब्ध उर्वरकों और बीजों के स्टॉक, भंडारण क्षमता और वितरण व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने किसानों को नैनो यूरिया और आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग के लिए जागरूक करने तथा इनके लाभों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए।
मानसून को देखते हुए कलेक्टर ने जिले में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण की तैयारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत स्कूलों, कॉलेजों, शासकीय कार्यालयों और सार्वजनिक परिसरों में अधिक से अधिक पौधारोपण सुनिश्चित करने को कहा। वन विभाग, उद्यानिकी विभाग और रेशम विभाग को पौधों की उपलब्धता, रोपण स्थलों के चयन और संरक्षण की तैयारी समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहकर उनके संरक्षण और नियमित देखभाल की भी प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए ताकि पौधों का जीवित प्रतिशत बेहतर रहे।
बैठक में शिक्षा विभाग की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने आगामी पूरक परीक्षाओं के लिए विद्यार्थियों को कराई जा रही तैयारियों की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए। साथ ही नए शैक्षणिक सत्र के मद्देनजर शाला प्रवेश उत्सव के प्रभावी आयोजन, समय पर पाठ्यपुस्तक और गणवेश वितरण तथा विद्यालयों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि नए सत्र की शुरुआत में ही विद्यार्थियों को सभी आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध हो जानी चाहिए ताकि पढ़ाई प्रभावित न हो।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए कलेक्टर ने प्रत्येक जनपद पंचायत में कम से कम एक ग्राम पंचायत को प्लास्टिक मुक्त ग्राम पंचायत के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और फीकल स्लज प्रबंधन को प्रभावी ढंग से संचालित करने पर जोर दिया। इसके अलावा जल संरक्षण और जल संचय से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के साथ करने के निर्देश देते हुए कहा कि वर्षा जल के अधिकतम संग्रहण के लिए सभी विभाग समन्वय बनाकर कार्य करें। उन्होंने स्वच्छता और जल संरक्षण को जनभागीदारी के साथ अभियान के रूप में चलाने पर भी जोर दिया।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गोकुल रावटे, अपर कलेक्टर ज्ञानेन्द्र सिंह ठाकुर, अपर कलेक्टर आर.के. तंबोली, संयुक्त कलेक्टर संदीप ठाकुर सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार/लालिमा शुक्ला पुरोहित
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हिन्दुस्थान समाचार / LALIMA SHUKLA PUROHIT