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धर्मांतरण, यौन शोषण और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप
नासिक, 08 जून (हि.स.)। महाराष्ट्र के नासिक की टीसीएस कंपनी में कार्यरत महिला कर्मचारी के कथित यौन शोषण, मानसिक उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के मामले में नए तथ्य सामने आए हैं। पुलिस ने इस मामले में दर्ज 9 अपराधों से संबंधित आरोपपत्र (चार्जशीट) आज अदालत में प्रस्तुत किया है, जिसमें वर्ष 2022 से 2026 के बीच हुई कथित घटनाओं का विवरण शामिल किया गया है।
पुलिस के आरोपपत्र के अनुसार, मुख्य आरोपित निदा खान से पूछताछ के दौरान कुछ महत्वपूर्ण साक्ष्य प्राप्त हुए हैं। जांच में यह दावा किया गया है कि पीड़िता का नाम बदलकर उसका धर्मांतरण कराया गया था। साथ ही, पीड़िता को नमाज़ पढ़ने का प्रशिक्षण दिए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
आरोपपत्र में उल्लेख किया गया है कि जांच के दौरान पीड़िता के मोबाइल फोन से इस्लाम धर्म से संबंधित कई ऑडियो क्लिप और कुछ मोबाइल एप्लिकेशन पाए गए। इसके अलावा, पीड़िता को विशेष धार्मिक साहित्य, वीडियो और सोशल मीडिया सामग्री दिखाकर उस पर प्रभाव डालने का प्रयास किए जाने का भी दावा पुलिस ने किया है।
चार्जशीट के अनुसार, आरोपित दानिश शेख, तौफिक अत्तार और निदा खान ने कथित रूप से मिलकर पीड़िता की परिस्थितियों का फायदा उठाया। आरोप है कि नौकरी दिलाने के बाद उन्होंने पीड़िता पर मानसिक और धार्मिक दबाव बनाया तथा उसकी धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाले बयान दिए।
मुख्य आरोपित दानिश शेख पर विवाह का झांसा देकर यौन शोषण करने, आर्थिक धोखाधड़ी करने और जातिसूचक अपमान करने के आरोप लगाए गए हैं। वहीं, तौफिक अत्तार पर कार्यस्थल पर महिला की मर्यादा भंग करने (छेड़छाड़) का आरोप लगाया गया है।
आरोपपत्र में यह भी कहा गया है कि पीड़िता को उसकी इच्छा के विरुद्ध धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन करने के लिए मजबूर किया गया। विशेष प्रकार के वस्त्र पहनने का दबाव डाला गया तथा धार्मिक कारणों से भय उत्पन्न कर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
मामले के एक अन्य आरोपित मतीन पटेल पर मुख्य आरोपित को गिरफ्तारी से बचाने के लिए शरण देने का आरोप है। इस बीच, पुलिस ने बताया कि मामले की जांच अभी जारी है और अदालत में विभिन्न साक्ष्य प्रस्तुत किए गए हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / मनीष कुलकर्णी