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जशपुर, 07 जून (हि.स.)। छत्तीसगढ़ में जशपुर जिले के अंतर्गत कुनकुरी विकासखंड को जल्द ही अपनी पहली आधुनिक और सुनियोजित आवासीय कॉलोनी मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर ग्राम गिनाबहार में 'अटल विहार योजना' के तहत 17.15 करोड़ रुपये की लागत से इस महत्वाकांक्षी परियोजना को विकसित किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा तैयार की जा रही यह परियोजना क्षेत्र में योजनाबद्ध शहरी विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है, जिसका मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण, सुरक्षित और किफायती घर उपलब्ध कराना है। विशेष बात यह है कि इससे पहले कुनकुरी में किसी भी सरकारी मंडल या निजी बिल्डर द्वारा ऐसी कोई व्यवस्थित कॉलोनी विकसित नहीं की गई थी।
लगभग 7 एकड़ भूमि पर आकार लेने वाली इस योजना के लिए 17 करोड़ 15 लाख 71 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। आवास मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री ओ.पी. चौधरी के प्रयासों से गति पा रही इस परियोजना के तहत कुल 97 आवासों का निर्माण किया जाएगा। इसमें कमजोर आय वर्ग (EWS) और अल्प आय वर्ग (LIG) के लिए 91 आवास विशेष रूप से शामिल हैं। राज्य सरकार ने इस जनकल्याणकारी योजना के लिए गृह निर्माण मंडल को मात्र एक रुपये प्रति वर्गफीट की दर से भूमि आवंटित की है। इसके साथ ही, आर्थिक रूप से कमजोर पात्र परिवारों को घर खरीदने में मदद करने के लिए ईडब्ल्यूएस श्रेणी में 80 हजार रुपये और एलआईजी श्रेणी में 40 हजार रुपये का अनुदान भी दिया जा रहा है।
इस आधुनिक कॉलोनी को बेहतर नगर नियोजन (टाउन प्लानिंग) के उच्च मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव के अनुसार, परिसर में चौड़ी और सुव्यवस्थित सड़कें, प्रभावी जल निकासी (ड्रेनेज) व्यवस्था, सुरक्षा के कड़े इंतजाम और एक स्वच्छ-हरा-भरा वातावरण तैयार किया जाएगा। बुनियादी सुविधाओं से लैस होने के कारण भविष्य में यह क्षेत्र की सबसे आकर्षक कॉलोनियों में से एक बनेगी, जो यहाँ रहने वाले लोगों के जीवन स्तर को एक नई ऊंचाई देगी। इसके अलावा, आने वाले समय में जशपुर जिले के ही बालाछापर, पत्थलगांव और महुआ टोली कंदोरा में भी ऐसी ही नई आवासीय योजनाएं शुरू करने की तैयारी है।
भौगोलिक और निवेश की दृष्टि से भी यह परियोजना बेहद रणनीतिक स्थान पर स्थित है। यह कॉलोनी कुनकुरी-बगीचा मार्ग पर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-43) से महज 2 किलोमीटर की दूरी पर है। शहर के नजदीक होने के साथ-साथ एशिया का दूसरा सबसे बड़ा चर्च, हॉलीक्रॉस मिशन अस्पताल, लोयला स्कूल और लोयला कॉलेज जैसी प्रमुख संस्थाएं यहां से मात्र 3 से 3.5 किलोमीटर के दायरे में स्थित हैं। वर्तमान में इस आवासीय परिसर के पास एक नए शासकीय अस्पताल का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है और भविष्य में अन्य सरकारी कार्यालयों को भी यहाँ लाने की योजना है। इन तमाम विकास कार्यों से क्षेत्र का तेजी से विस्तार होगा, जिससे यह कॉलोनी न सिर्फ रहने के लिए बल्कि भविष्य के निवेश के लिहाज से भी एक बेहतरीन विकल्प साबित होगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह