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जल संरक्षण और रोजगार सृजन पर रहेगा विशेष फोकस
धमतरी, 07 जून (हि.स.)। ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को गति देने के उद्देश्य से जिले की सभी ग्राम पंचायतों में आठ जून को रोजगार दिवस का आयोजन किया जाएगा।
इस विशेष अभियान के दौरान मनरेगा सहित विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की जाएगी तथा ग्रामीण श्रमिकों को अधिक से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। रोजगार दिवस के माध्यम से ग्राम पंचायत स्तर पर रोजगार मांग पंजीयन, श्रमिक जागरूकता, परिसंपत्ति निर्माण, जल संरक्षण, जल संवर्धन तथा आगामी वृक्षारोपण अभियान की तैयारियों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया जाएगा। कार्यक्रम में ग्रामीण श्रमिकों, जनप्रतिनिधियों, पंचायत पदाधिकारियों, रोजगार सहायकों, तकनीकी अमले और संबंधित विभागों के अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
इस अवसर पर ग्रामीणों को मनरेगा के विभिन्न प्रावधानों, रोजगार प्राप्त करने की प्रक्रिया, मजदूरी भुगतान व्यवस्था और उपलब्ध कार्यों की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। साथ ही पात्र श्रमिकों से रोजगार की मांग प्राप्त कर उन्हें समयबद्ध रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
वर्षा ऋतु के आगमन को देखते हुए रोजगार दिवस में जल संरक्षण एवं जल संवर्धन से जुड़े कार्यों को विशेष प्राथमिकता दी जाएगी। तालाब गहरीकरण, खेत तालाब निर्माण, स्टॉप डेम, चेक डेम, नाला सुधार और अन्य प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी, वहीं स्वीकृत कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में जल संचयन और भू-जल संवर्धन की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही आगामी पौधारोपण अभियान को सफल बनाने के लिए ग्राम पंचायतों में पौधारोपण हेतु उपयुक्त स्थलों का चयन, गड्ढा खुदाई, पौधों की उपलब्धता और संरक्षण संबंधी कार्ययोजना तैयार करने पर भी जोर दिया जाएगा।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गजेन्द्र सिंह ठाकुर ने कहा कि रोजगार दिवस ग्रामीण विकास और रोजगार संवर्धन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को मांग के अनुरूप समयबद्ध रोजगार उपलब्ध कराने तथा मनरेगा के माध्यम से स्थायी और उपयोगी परिसंपत्तियों के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जल संरक्षण, वृक्षारोपण और प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही योजनाओं के पारदर्शी और प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से ग्रामीणों को अधिकतम लाभ पहुंचाने तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा