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मुंबई, 05 जून (हि.स.)। उपमुख्य मंत्री एवं ठाणे जिले के पालक मंत्री एकनाथ शिंदे ने संबंधित अधिकारियों को क्लस्टर स्कीम में तेज़ी लाने के साफ निर्देश दिए ताकि ठाणे शहर की खतरनाक इमारतों में रहने वाले लोगों को तुरंत राहत मिल सके। इस बीच उपमुख्यमंत्री शिंदे ने स्कीम को महाप्रीत से एमएसआरडीसी को सौंपने के भी निर्देश दिए ताकि कोपरी, किसननगर और वागले इस्टेट में क्लस्टर स्कीम जल्दी पूरी हो सकें। क्लस्टर रिहैबिलिटेशन प्रोजेक्ट के लिए ठाणे एमआईडीसी की 60.72 हेक्टेयर ज़मीन के जल्द ट्रांसफर का निर्देश देते हुए शिंदे ने कहा कि वे ठाणे ज़िले में क्लस्टर प्रोजेक्ट्स को बढ़ावा देने के लिए इसे 'वाइटल पब्लिक हाउसिंग प्रोजेक्ट' घोषित करेंगे।
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए ठाणे ग्रुप डेवलपमेंट प्रोजेक्ट और एमडीडीसी की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने कहा कि ठाणे ग्रुप डेवलपमेंट प्रोजेक्ट अब 'महाप्रीत' के बजाय एमएसआरडीसी द्वारा किया जाएगा।
ठाणे ग्रुप डेवलपमेंट प्रोजेक्ट को देश का पहला बड़ा ग्रुप डेवलपमेंट प्रोजेक्ट बताते हुए शिंदे ने कहा कि ठाणे शहर का यह ग्रुप डेवलपमेंट प्रोजेक्ट नागरिकों को सुरक्षित और सही घर देगा। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ़ एक हाउसिंग प्रोजेक्ट नहीं है बल्कि एक कम्युनिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट है जो लोगों की ज़िंदगी की क्वालिटी को बेहतर बनाएगा।
एमआईडीसी ने क्लस्टर स्कीम के लिए एमआईडीसी एरिया में 60.85 हेक्टेयर ज़मीन के अलॉटमेंट को मंज़ूरी दी थी। बदले में, उन्हें डेवलप की गई ज़मीन का 12.5 परसेंट वापस मिलना था। लेकिन, कुछ प्लॉट अलॉट हो जाने के कारण, प्लॉट होल्डर्स की मंज़ूरी लेने, ट्राइबल रिहैबिलिटेशन के लिए रिज़र्व 73 प्लॉट्स का मामला सुलझाने, स्टॉल होल्डर्स और दूसरे प्रभावित ग्रुप्स के रिहैबिलिटेशन की ज़िम्मेदारी तय करने जैसे दूसरे पेंडिंग मसले हल हो गए हैं। साथ ही इंडस्ट्रीज़ डिपार्टमेंट की मंज़ूरी मिलने के बाद उपमुख्यमंत्री शिंदे ने इंडस्ट्रीज़ डिपार्टमेंट को अगले हफ़्ते के अंदर एमआईडीसी और टीएमसी के बीच तीन-तरफ़ा एग्रीमेंट पूरा करके इस ट्रांसफर प्रोसेस को तेज़ी से पूरा करने का निर्देश दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / रवीन्द्र शर्मा