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जबलपुर, 05 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के जबलपुर में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को प्राप्त शिकायत के आधार पर गठित जांच दल ने शुक्रवार को सदर रोड स्थित मंजूषा नर्सिंग होम का निरीक्षण किया। जांच के दौरान अस्पताल में रिकॉर्ड संधारण, दस्तावेजीकरण और मरीजों से संबंधित अभिलेखों के रखरखाव में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।
निरीक्षण में पाया गया कि मरीजों के उपचार संबंधी अभिलेख एवं केस फाइलों का समुचित संधारण नहीं किया गया था। आवश्यक लिखित सहमति पत्र भी उपलब्ध नहीं मिले। इसके अलावा निरीक्षण के समय अस्पताल में प्रशिक्षित स्टाफ नर्स मौजूद नहीं थी। मरीजों की जानकारी अनिवार्य रूप से अनमोल पोर्टल पर दर्ज नहीं की जा रही थी तथा रिकॉर्ड संधारण और रिपोर्टिंग व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं पाई गई।
जनहित और मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने मंजूषा नर्सिंग होम का संचालन तत्काल प्रभाव से 15 दिनों के लिए अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। इस अवधि के दौरान संस्थान किसी भी नए मरीज को भर्ती नहीं कर सकेगा।
जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर संस्थान को मध्यप्रदेश उपचर्यागृह तथा रूग्णोपचार संबंधी स्थापनाएं (रजिस्ट्रीकरण एवं अनुज्ञापन) अधिनियम, 1973 के तहत कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। नर्सिंग होम प्रबंधन को अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए सात दिन का समय दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि शिकायत से जुड़ी एक महिला मरीज की मृत्यु मेडिकल कॉलेज में हुई थी। मृत्यु के वास्तविक कारणों तथा उपचार संबंधी चिकित्सकीय पहलुओं की विस्तृत जांच मेडिकल कॉलेज स्तर पर की जा रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विलोक पाठक