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पलामू, 05 जून (हि.स.)। जिले के उंटारी रोड प्रखंड के करकटा गांव में शुक्रवार को आंगनबाड़ी सेविका चयन प्रक्रिया के दौरान भारी बवाल हुआ। विश्रामपुर की प्रभारी सीडीपीओ सह नावाबाजार बीडीओ और प्रभारी अंचलाधिकारी रेणु बाला को ग्रामीणों ने दोपहर में चार घंटे से अधिक समय तक बंधक बनाए रखा। उनके साथ तीन पर्यवेक्षिकाओं को भी ग्रामीणों ने रोक रखा था। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन आक्रोशित भीड़ किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थी।
जानकारी के अनुसार, रेणु बाला करकटा गांव में आंगनबाड़ी सेविका चयन प्रक्रिया संपन्न कराने पहुंची थीं। चयन प्रक्रिया को लेकर विवाद हो गया। ग्रामीणों ने चयन में पक्षपात और भेदभाव बरतने का आरोप लगाते हुए विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते मामला इतना बढ़ गया कि लोगों ने अधिकारियों को घेर लिया और उन्हें जाने से रोक दिया।
ग्रामीणों का आरोप है कि चयन प्रक्रिया के दौरान विरोध जता रही एक विधवा महिला के साथ प्रभारी सीडीपीओ ने दुर्व्यवहार किया। कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि महिला के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए उसे धक्का दिया गया, जिससे उसे चोट भी आई।
ग्रामीणों की मांग है कि प्रभारी सीडीपीओ सार्वजनिक रूप से महिला से माफी मांगें और मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों ने उपायुक्त को मौके पर बुलाने की मांग करते हुए कहा कि जब तक जिला प्रशासन का कोई वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर नहीं पहुंचता, तब तक वे पीछे नहीं हटेंगे। ग्रामीणों ने चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी सवाल उठाए हैं।
घटना की सूचना मिलते ही उंटारी रोड थाना प्रभारी संतोष गिरी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों की लगातार ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की गई, लेकिन समाचार लिखे जाने तक लोग अपनी मांगों पर अड़े रहे।
घटना के कारण क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। प्रशासन पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और मामले के शांतिपूर्ण समाधान का प्रयास किया जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिलीप कुमार