Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

प्रयागराज, 05 जून (हि.स)। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बलात्कार मामले में आरोपित सत्यम आदिवासी उर्फ पिंकू को सशर्त जमानत प्रदान कर दी। न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल की एकलपीठ ने यह आदेश दिया।
प्रयागराज जिले के बारा थाने में वर्ष 2025 में एफआईआर दर्ज किया गया था। याची अधिवक्ता ने तर्क दिया कि प्रत्यक्षदर्शियों में से किसी ने भी पीड़िता की कोई चीख या आवाज नहीं सुनी। देवरानी व पड़ोसी के दरवाजा खटखटाने पर पीड़िता ने स्वयं दरवाजा खोला था।
चिकित्सीय परीक्षण रिपोर्ट भी बलात्कार की पुष्टि नहीं करती। आरोपित का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और चार्जशीट दाखिल हो चुकी है, अतः पुलिस हिरासत की आवश्यकता नहीं है। आरोपित 11 नवम्बर 2025 से जेल में बंद है।
कोर्ट ने सभी तथ्यों, जेलों में अत्यधिक भीड़, और सुप्रीम कोर्ट के कपिल वधावान केस तथा इस हाईकोर्ट के माया तिवारी केस के दिशानिर्देशों को ध्यान में रखते हुए जमानत मंजूर की।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / रामानंद पांडे