अग्निवेग से बढ़ी भारतीय सेना की मारक शक्ति, स्वदेशी रक्षा क्रांति के नए युग में भारत
- डॉ. मयंक चतुर्वेदी
आज युद्ध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। कभी युद्धक्षेत्र में सैनिकों की संख्या, टैंकों की ताकत और तोपों की मारक क्षमता विजय का निर्धारण करती थी, लेकिन अब तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), स्वायत्त हथियार प्रणालियां, साइबर युद्ध
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