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जांजगीर-चांपा, 11 जून (हि. स.)। विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के पूर्व संध्या पर जिले के विकासखंड बम्हनीडीह अंतर्गत ग्राम पोंड़ीकला में गुरुवार को बाल श्रम के विरुद्ध जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य बाल श्रम के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना तथा बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मानजनक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए समुदाय को प्रेरित करना था।
जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि बाल श्रम समाज के लिए एक गंभीर चुनौती है, जिसके उन्मूलन के लिए जनभागीदारी और जागरूकता बेहद आवश्यक है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को बाल श्रम के दुष्परिणामों की जानकारी देते हुए बच्चों के शिक्षा, स्वास्थ्य और समग्र विकास के अधिकारों के संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया।
इस अवसर पर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना, किशोरी बालिका सशक्तिकरण कार्यक्रम और पोषण अभियान सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम 2016 के तहत 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी प्रकार के रोजगार में लगाना प्रतिबंधित है, जबकि 14 से 18 वर्ष आयु वर्ग के किशोरों को खतरनाक कार्यों में नियोजित करना दंडनीय अपराध है।
कार्यक्रम में ग्रामीणों से अपील की गई कि यदि कहीं भी बाल श्रम की घटना दिखाई दे तो इसकी सूचना तत्काल चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर दें, ताकि संबंधित बच्चों को संरक्षण और सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
कार्यक्रम के दौरान लिंग समानता, बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा और सशक्तिकरण के महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की गई। किशोरी बालिकाओं के लिए प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी लोगों को बाल श्रम रोकथाम और निषेध की शपथ दिलाई गई।
इस आयोजन के माध्यम से ग्रामीणों को बाल श्रम मुक्त समाज के निर्माण, बच्चों के अधिकारों की रक्षा तथा शिक्षा को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया।
हिन्दुस्थान समाचार/लालिमा शुक्ला पुरोहित
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हिन्दुस्थान समाचार / LALIMA SHUKLA PUROHIT