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कोलकाता, 11 जून (हि.स.)। पश्चिम बंगाल में डायमंड हार्बर से लाेकसभा सांसद व तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी गुरुवार को कलकत्ता उच्च न्यायालय के आदेश के बाद सीआईडी मुख्यालय भवानी भवन पहुंचे। निर्धारित समय से पहले पहुंचने के बाद उन्होंने वहां उपस्थिति दर्ज कराई और बाद में जांच प्रक्रिया में शामिल हुए।
सूत्रों के अनुसार, वे शाम लगभग 5:50 बजे सीआईडी दफ्तर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बाहर मीडिया से किसी प्रकार की बातचीत नहीं की और सीधे कार्यालय के अंदर प्रवेश कर गए। कुछ समय बाद वे बाहर आए और मुख्य द्वार पर उपस्थिति रजिस्टर में हस्ताक्षर करने के बाद फिर से भीतर चले गए।
यह मामला कथित तौर पर विधानसभा में भेजे गए एक पत्र में हस्ताक्षर संबंधी अनियमितताओं से जुड़ा है। आरोप है कि विधानसभा में विपक्षी दल के नेता के चयन से संबंधित पत्र में कई हस्ताक्षरों को लेकर विवाद सामने आया, जिसमें कुछ विधायकों ने दावा किया कि उन्होंने दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं किए थे।
इस मामले की जांच सीआईडी कर रही है और एजेंसी ने अभिषेक बनर्जी को पूछताछ के लिए पहले भी तलब किया था। हालांकि, उन्होंने इससे पहले एक बार स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर और दूसरी बार राजनीतिक व्यस्तताओं के कारण उपस्थित होने में असमर्थता जताई थी।
मामले को लेकर कानूनी विवाद तब और बढ़ गया जब उन्होंने संभावित गिरफ्तारी की आशंका जताते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया और सुरक्षा की मांग की। न्यायालय ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान उन्हें शाम 6 बजे तक भवानी भवन में उपस्थित होने का निर्देश दिया था और जांच में सहयोग करने को कहा था।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल उनके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी, लेकिन जांच प्रक्रिया में सहयोग अनिवार्य होगा। मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद निर्धारित की गई है। सीआईडी ने जांच के तहत कुछ विधायकों के हस्ताक्षर और हस्तलेख के नमूने भी एकत्र किए हैं।
यह विवाद उस पत्र से जुड़ा है जो विधानसभा में तृणमूल कांग्रेस की ओर से स्पीकर को भेजा गया था, जिसमें कथित तौर पर कई हस्ताक्षरों में असंगति और अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे। आरोपों के अनुसार कुछ नाम ब्लॉक अक्षरों में लिखे गए थे, जबकि कुछ विधायकों ने हस्ताक्षर से इनकार किया था।
इसी बीच, गुरुवार को जब अभिषेक बनर्जी कोलकाता एयरपोर्ट पहुंचे थे, तब कुछ लोगों द्वारा उनके खिलाफ नारेबाजी किए जाने की भी रिपोर्ट सामने आई थी। हालांकि, उन्होंने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।------------------
हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर