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हमीरपुर, 11 जून (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने के मामले में गुरुवार को विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट के न्यायाधीश अनिल कुमार खरवार ने आरोपित पर दोष सिद्ध होने पर 10 वर्ष का कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 11500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
एडीजीसी अवध नरेश चंदेल व रुद्र प्रताप सिंह ने बताया कि सदर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी पीड़ित पिता ने 2 मई 2018 को दी तहरीर में बताया कि 1 मई को उसका मौसेरा साला अजय पुत्र वंशी चमार निवासी ग्राम टोला थाना सिसोलर उसके घर आया और रुक गया। वह एक रिश्तेदारी में मवई जार चला गया था। जबकि उसके दोनों पुत्र कानपुर में पेंट का काम करते है। घर में उसकी पत्नी व 11 वर्षीय पुत्री मौजूद थे। खाना खाने के बाद सभी लोग सो गए। रात में अजय ने पत्नी को कोई नशीला पदार्थ सुंघा दिया और नाबालिग पुत्री के साथ जबरन दुष्कर्म किया। घटना के बाद आरोपी रात में भाग गया। पुत्री ने मां को जगा कर सारी घटना की जानकारी दी। सुबह घर पहुंचने पर उसे जानकारी हुई।
पीड़ित पिता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपित अजय के खिलाफ धारा 376, 323, 506 भा०दं०सं० व ४ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। बताया कि आपरेशन कन्विक्शन के तहत मुकदमों में अभियोजन विभाग से समन्वय करके समयबद्ध रूप से साक्षियों का साक्ष्य कराकर प्रभावी पैरवी किए जाने पर गुरुवार को विशेष न्यायालय पॉक्सो एक्ट के न्यायाधीश अनिल कुमार खरवार ने आरोपी फहीम को दोषी करार देते हुए दस वर्ष का कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 11500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज मिश्रा