बंगाल विधानसभा भी होगी पेपरलेस, ‘नेवा’ परियोजना से जुड़ेगा पूरा कामकाज
नए विधायकों को दिया जाएगा विशेष प्रशिक्षण कोलकाता, 11 जून (हि.स.)। पश्चिम बंगाल विधानसभा का कामकाज आने वाले समय में पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस होने जा रहा है। विधानसभा अध्यक्ष रथीन्द्रनाथ बोस ने गुरुवार को बताया कि केंद्र सरकार की ‘राष्ट्रीय ई-विध
रथिंद्र बोस


नए विधायकों को दिया जाएगा विशेष प्रशिक्षण

कोलकाता, 11 जून (हि.स.)। पश्चिम बंगाल विधानसभा का कामकाज आने वाले समय में पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस होने जा रहा है। विधानसभा अध्यक्ष रथीन्द्रनाथ बोस ने गुरुवार को बताया कि केंद्र सरकार की ‘राष्ट्रीय ई-विधान एप्लिकेशन’ (नेवा) परियोजना के अनुरूप राज्य विधानसभा में भी डिजिटल व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके साथ ही नए विधायकों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला समेत अन्य राज्यों के विधानसभा अध्यक्ष भी हिस्सा लेंगे।

अध्यक्ष रथीन्द्रनाथ बोस ने कहा कि वर्तमान विधानसभा में लगभग 200 नए विधायक हैं। उन्हें संसदीय प्रक्रियाओं और डिजिटल प्रणाली की जानकारी देने के लिए बजट सत्र के बाद प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस प्रशिक्षण में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के अलावा उत्तर प्रदेश और राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष भी उपस्थित रहेंगे और विधायकों को मार्गदर्शन देंगे।

उन्होंने बताया कि विधानसभा में ई-विधान व्यवस्था लागू होने के बाद सदन की अधिकांश प्रक्रियाएं डिजिटल माध्यम से संचालित होंगी। इससे विधानसभा का कामकाज पूरी तरह पेपरलेस बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया जाएगा। डिजिटल व्यवस्था लागू होने से आम नागरिकों को भी विधानसभा की गतिविधियों, दस्तावेजों और सूचनाओं तक अधिक सहज पहुंच मिल सकेगी। अध्यक्ष के अनुसार, इस पहल का मुख्य उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को अधिक जवाबदेह बनाना है।

उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार लंबे समय से देश की संसद और सभी राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों की विधानसभाओं को ‘नेवा’ परियोजना से जोड़ने का प्रयास कर रही है। लगभग पांच वर्ष पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तत्कालीन तृणमूल कांग्रेस सरकार से भी इस परियोजना में शामिल होने का आग्रह किया था, लेकिन उस समय राज्य सरकार ने इसमें भागीदारी नहीं की थी।

राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार ने पदभार संभालने के कुछ ही समय बाद केंद्र सरकार के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर कर पश्चिम बंगाल को ‘नेवा’ परियोजना से जोड़ने का निर्णय लिया।

‘नेवा’ प्रणाली के माध्यम से सांसद और विधायक नोटिस जमा करने, प्रश्न प्रस्तुत करने, प्रस्ताव रखने तथा अन्य संसदीय कार्य डिजिटल तरीके से कर सकेंगे। इसके अलावा आम नागरिक भी इस मंच के जरिए विधानसभा की कार्यवाही पर नजर रख सकेंगे, सुझाव और टिप्पणियां दर्ज करा सकेंगे तथा सदन की कार्यवाही का सीधा प्रसारण देख सकेंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस डिजिटल व्यवस्था के लागू होने से विधानसभा की कार्यप्रणाली निर्धारित नियम पुस्तिका के अनुरूप संचालित करने में अधिक पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

हिन्दुस्थान समाचार / ओम पराशर