Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

बलरामपुर, 11 जून (हि.स.)। गुरुवार को जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से एक किसान की लंबे समय से चली आ रही परेशानी का समाधान हो गया। ग्राम अलका, तहसील चलगली निवासी किसान परमानंद पोया ने अपनी समस्या कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के समक्ष रखी थी, जिसके बाद प्रशासन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जांच कर तकनीकी त्रुटि को दूर कराया।
किसान परमानंद पोया ने शिकायत में बताया था कि उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के तहत लिए गए ऋण की राशि का समय पर भुगतान कर दिया था, लेकिन बैंक रिकॉर्ड में उनका ऋण खाता बंद नहीं हुआ। जांच में सामने आया कि जमा की गई राशि उनके खाते में दर्ज होने के बजाय गलती से किसी अन्य खातेदार के खाते में चली गई थी। इस कारण उनके नाम पर 1 लाख 17 हजार 289 रुपये का ऋण बकाया दिख रहा था और धान विक्रय से प्राप्त होने वाली राशि के आहरण पर रोक लग गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने संबंधित नोडल अधिकारी और जिला सहकारी केंद्रीय बैंक को तत्काल जांच कर समस्या का निराकरण करने के निर्देश दिए। निर्देश मिलते ही संबंधित अधिकारियों ने त्वरित कार्रवाई शुरू की और 10 जून को शाखा कार्यालय चलगली में किसान की उपस्थिति में पूरे मामले की जांच की गई।
जांच में पता चला कि धान खरीदी पोर्टल में हुई एक लिपिकीय त्रुटि के कारण परमानंद पोया के खाते के स्थान पर मनोज पटेल का खाता नंबर दर्ज हो गया था। इसी वजह से ऋण अदायगी की राशि गलत खाते में समायोजित हो गई थी।
प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद तकनीकी त्रुटि को तत्काल सुधारते हुए गलत खाते में जमा हुई राशि वापस लेकर परमानंद पोया के ऋण खाते में समायोजित की गई। इसके साथ ही किसान की समस्या का पूरी तरह निराकरण कर दिया गया।
समस्या के समाधान के बाद किसान परमानंद पोया ने संतोष व्यक्त करते हुए कलेक्टर और जिला प्रशासन के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि समय पर कार्रवाई होने से उन्हें बड़ी राहत मिली है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय