छापेमारी के कुछ घंटों बाद ही तेलमच्चो घाट पर फिर शुरू हुआ अवैध बालू खनन
धनबाद, 11 जून (हि.स.)। नदियों से बालू उठाव पर 10 जून से एनजीटी की रोक लागू हो चुकी है और धनबाद का खनन विभाग लगातार कार्रवाई भी कर रहा है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जब छापेमारी के कुछ ही घंटों बाद उसी घाट पर फिर से अवैध खनन और बालू का भंडारण शुरू
जानकारी देते खनन विभाग के इंस्पेक्टर श्यामानंद सिंह


छापा के बाद पुनः बालू का अवैध खनन करते तस्कर


धनबाद, 11 जून (हि.स.)। नदियों से बालू उठाव पर 10 जून से एनजीटी की रोक लागू हो चुकी है और धनबाद का खनन विभाग लगातार कार्रवाई भी कर रहा है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जब छापेमारी के कुछ ही घंटों बाद उसी घाट पर फिर से अवैध खनन और बालू का भंडारण शुरू हो जाए, तो ऐसी कार्रवाई कितनी प्रभावी साबित हो रही है।

धनबाद के तेलमच्चो घाट में कुछ ऐसा ही देखने को मिला, जहां खनन विभाग की कार्रवाई के बाद भी बालू माफियाओं ने दोबारा अपना कारोबार शुरू कर दिया। अब खुद खनन विभाग भी मान रहा है कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस के सक्रिय सहयोग के बिना अवैध खनन पर पूरी तरह रोक लगाना संभव नहीं है।

मानसून और नदी के पारिस्थितिकी तंत्र की सुरक्षा को लेकर एनजीटी हर वर्ष 10 जून से 15 अक्टूबर तक नदियों से बालू उठाव पर प्रतिबंध लगाती है। प्रतिबंध लागू होते ही धनबाद खनन विभाग की टीम माइनिंग इंस्पेक्टर श्यामानंद सिंह और ब्रह्मदेव यादव के नेतृत्व में कार्रवाई के लिए निकली।

इस दौरान बरटांड़ बस स्टैंड के समीप धैया रोड पर बालू लदे दो वाहनों को जब्त कर धनबाद थाना के सुपुर्द कर दिया गया। इसके बाद टीम तेलमच्चो बालू घाट पहुंची, जहां प्रतिबंध के बावजूद दामोदर नदी से ट्रैक्टरों के जरिए बालू का अवैध खनन जारी था। खनन विभाग की टीम को देखते ही अवैध खनन कर रहे लोग ट्रैक्टरों की चाबी लेकर मौके से फरार हो गए।

लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि विभागीय कार्रवाई के कुछ ही घंटों बाद तेलमच्चो घाट पर फिर से अवैध बालू खनन और भंडारण शुरू हो गया। इससे यह सवाल खड़ा हो गया है कि आखिर बालू माफियाओं के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं।

माइनिंग इंस्पेक्टर श्यामानंद सिंह ने बताया कि पुलिस बल की मदद से अवैध भंडारण के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि जहां भी बालू भंडारण की शिकायत मिलती है, वहां पहले अनुमति की जांच की जाती है। अनुमति नहीं मिलने पर अवैध भंडारण को सीज कर दिया जाता है और संबंधित लोगों की पहचान कर आगे की कार्रवाई की जाती है।

हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि केवल खनन विभाग के भरोसे अवैध खनन और भंडारण पर पूरी तरह रोक लगाना संभव नहीं है। स्थानीय पुलिस, अंचल प्रशासन और आम लोगों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्थानीय थानेदारों और सीओ को भी इस संबंध में निर्देश जारी किए गए हैं, लेकिन जब तक सभी एजेंसियां मिलकर कार्रवाई नहीं करेंगी, तब तक बालू माफियाओं पर पूरी तरह अंकुश लगाना मुश्किल बना रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / राहुल कुमार झा