Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

जयपुर, 11 जून (हि.स.)। राज्य मानवाधिकार आयोग ने जयपुर के खोह नागोरियान इलाके में अवैध तरीके से चल रही पटाखा एवं विस्फोटक सामग्री बनाने वाली फैक्ट्री में लगी भीषण आग में आठ मजदूरों की मौत मामले स्वतः संज्ञान लिया है। वहीं जिला कलक्टर जयपुर, पुलिस आयुक्त जयपुर, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, नगर निगम आयुक्त, प्रमुख गृह सचिव तथा स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक से घटना की तथ्यात्मक रिपोर्ट 30 जून तक मांगी है। आयोग ने इन्हें कहा है कि वे अपने-अपने क्षेत्राधिकार में होटलों, गोदामों, जोखिमपूर्ण औद्योगिक इकाइयों और ऐसे अन्य प्रतिष्ठानों की व्यापक जांच कर आवश्यक कार्रवाई करें। आयाेग के अध्यक्ष जस्टिस जीआर मूलचंदानी ने यह आदेश मीडिया में आई खबरों पर स्वप्रेरित प्रसंज्ञान लेते हुए दिया।
आयोग ने कहा कि प्रकाशित समाचारों के अनुसार क्षेत्र के 100 से अधिक घरों में अवैध पटाखा फैक्ट्रियां संचालित होने की बात सामने आई है। यह भी प्रकाशित हुआ कि मजदूरों के कपड़ों एवं शरीर पर बारूद का पाउडर चिपका हुआ था, जिसके कारण विस्फोट होते ही वे आग की चपेट में आ गए। मौके पर अमोनियम नाइट्रेट भी मिलने की सूचना है। आयोग ने मामले में टिप्पणी करते हुए कहा कि सभी दुर्घटनाओं को पूरी तरह से रोक नहीं सकते, लेकिन यदि मानव उपेक्षा, लापरवाही या विधिक प्रावधानों की अवहेलना से ऐसे हादसे होते हैं तो यह गंभीर है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / पारीक