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जोधपुर, 11 जून (हि.स.)। राजस्थान हाईकोर्ट ने न्यायिक कार्यवाही में पारदर्शिता और लंबित मामलों की प्रभावी निगरानी के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी स्थायी आदेश के अनुसार अब प्रत्येक मामले में दिए गए स्थगनों की संख्या अलग से दर्ज की जाएगी और इसे कॉज लिस्ट में भी प्रदर्शित किया जाएगा।
आदेश में बताया गया है कि यह व्यवस्था 14 मई 2026 को ओमप्रकाश बनाम राज्य सरकार में पारित न्यायालय के निर्देशों की पालना में लागू की जा रही है। इसके तहत अपीलकर्ता, याचिकाकर्ता, आवेदक, प्रतिवादी अथवा अन्य कारणों से हुए स्थगनों का रिकॉर्ड विशेष सॉफ्टवेयर में संधारित किया जाएगा। हालांकि नॉट रीच श्रेणी वाले मामलों को स्थगन की गणना में शामिल नहीं किया जाएगा।
सभी न्यायिक शाखाओं के प्रभारी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे एकमुश्त अभ्यास के रूप में प्रत्येक प्रकरण में अब तक हुए स्थगनों की संख्या सॉफ्टवेयर में दर्ज करवाएं। साथ ही सूचीबद्ध किए जाने वाले हर मामले में स्थगन संबंधी विवरण अपडेट रखना अनिवार्य होगा।
हिन्दुस्थान समाचार / सतीश