हाईकोर्ट में पेश हुए पूर्व विधायक राजेश शुक्ला
नैनीताल, 06 मई (हि.स.)। हाई कोर्ट ने किच्छा नगरपालिका का चुनाव न कराए जाने व सिरौलीकलां को पृथक किए जाने के मामले में दायर याचिकाओं पर सुनवाई के बाद मामले की अगली सुनवाई के लिए अगले सप्ताह की तिथि नियत की है। याचिकाकर्ता की ओर से पेश किए गए एक वीडि
हाईकोर्ट में पेश हुए पूर्व विधायक राजेश शुक्ला


नैनीताल, 06 मई (हि.स.)। हाई कोर्ट ने किच्छा नगरपालिका का चुनाव न कराए जाने व सिरौलीकलां को पृथक किए जाने के मामले में दायर याचिकाओं पर सुनवाई के बाद मामले की अगली सुनवाई के लिए अगले सप्ताह की तिथि नियत की है। याचिकाकर्ता की ओर से पेश किए गए एक वीडियो में पूर्व विधायक राजेश शुक्ला की गई बयानबाजी को एकलपीठ ने गंभीरता से लिया था। जिसके बाद कोर्ट ने पूर्व विधायक को कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए थे।

कोर्ट के पूर्व आदेश के क्रम में पूर्व विधायक कोर्ट में पेश हुए। उन्होंने कहा कि वे इस मामले में हर सप्ताह की सुनवाई कर रही है, इसके बावजूद कोर्ट की गरिमा को ठेस पहुंचाया जा रहा है। वीडियो में कोर्ट पर की गई टिप्पणी के मामले में हाई कोर्ट ने पूर्व विधायक को व्यक्तिगत रूप से तलब किया था। पूर्व विधायक ने वीडियो में कहे गए शब्दों पर खेद व्यक्त किया। एकलपीठ ने कहा कि न्यायालय सब के लिए खुला है। किसी को भी न्यायालय की शरण लेने से वंचित नहीं किया जा सकता। कोई पार्टी या पक्षकार, किसी को कोर्ट में अपनी बात रखने से रोक नहीं सकता। हाल ही कोर्ट में पेश किए गए वीडियो क्लिप में विपक्ष की तरफ से याचिकाकर्ता से केस वापस लेने को कहा गया। इतना ही नहीं, न्यायालय में तारीख पर तारीख मिलती रहने की बात भी उनके द्वारा कही गई। जिस पर कोर्ट ने विपक्षी को तलब किया था। इसकी पुष्टि याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने की। एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान पूछा कि नगरपालिका बनाने की जो अधिसूचना जारी की गई थी, वो नगरपालिका अधिनियम कि जिस धारा में जारी की गई थी, क्या उस धारा में पालिका की अधिसूचना जारी की जा सकती है या नहीं। कोर्ट ने शहरी विकास सचिव को मंगलवार तक इससे संबंधित शपथपत्र देने को कहा है।

न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार किच्छा ऊधमसिंह नगर के सिरोली कलां ग्राम निवासी मोहम्मद यासीन सहित अन्य ने हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि किच्छा नगरपालिका का विस्तारीकरण वर्ष 2018 में हुआ था जिसमें सिरौली कलां, बंडिया, देवरिया व आजादनगर को बाद में शामिल किया गया था। वर्ष 2018 में ही नगरपालिका के चुनाव हुए, जिसमें सिरौली कलां क्षेत्र में तीन वार्ड 18, 19 व 20 व वार्ड 17 के कुछ क्षेत्र को भी शामिल किया गया लेकिन फिर हटा दिया गया। बाद में कोर्ट के आदेश पर इसे पुनः शामिल कर दिया गया। याचिका में सिरौली कलां नगरपालिका किच्छा में विगत छह वर्षों से शामिल है तथा नगरपालिका की ओर से इस क्षेत्र में अभी तक लगभग पांच करोड़ रुपये के विकास कार्य किये जा चुके हैं। अब सिरौली कलां को किच्छा नगरपालिका से अलग किया जा रहा है, जिसका सिरौली कलां के क्षेत्रवासी विरोध कर रहे हैं और चाहते हैं कि सिरौली कलां को नगरपालिका में ही रखा जाए, जिससे उनके यहां भी अन्य नगर पालिकाओं का कार्यकाल समाप्त होने के बाद तुरंत चुनाव कराए जा सकें, लेकिन अभी कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी प्रशासक ही पालिका का कार्यभार संभाले हुए हैं जिस वजह से अनेक महत्वपूर्ण कार्य नहीं हो हो पा रहे हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / लता