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--प्रमुख सचिव गृह व वित्त नियंत्रक पुलिस मुख्यालय से हाईकोर्ट ने पूछा क्या कदम उठाए ?
प्रयागराज, 06 मई (हि.स)। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने प्रमुख सचिव गृह उत्तर प्रदेश लखनऊ व वित्त नियंत्रक पुलिस मुख्यालय लखनऊ से व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल कर स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि अधिक वेतन भुगतान की सेवानिवृत्ति के बाद वसूली पर रोक लगाने के उच्चतम न्यायालय के आदेश को लागू करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं ?
कोर्ट ने कहा सुप्रीम कोर्ट ने सुशील कुमार सिंघल केस में 2014 में 16 जनवरी 2007 के शासनादेश के तहत अधिक वेतन भुगतान की सेवानिवृत्ति परिलाभों से वसूली पर रोक लगा रखी है। इसके बावजूद प्रतिदिन ऐसे मामले कोर्ट में आ रहे हैं। प्रशासनिक अधिकारी सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का पालन नहीं कर रहे। याचिका की अगली सुनवाई 25 मई को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने गिरधारी लाल की याचिका की सुनवाई करते हुए दिया है।
वित्त नियंत्रक पुलिस मुख्यालय लखनऊ ने याची के सेवानिवृत होने के बाद अधिक वेतन भुगतान की वसूली कर ली। परिलाभों का भुगतान करने से इंकार कर दिया, जिसे चुनौती दी गई है।
कोर्ट ने कहा वित्त नियंत्रक का आदेश न केवल अवैध है अपितु सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन भी है। याची ने 24 जनवरी 24 के प्रत्यावेदन के साथ सुप्रीम कोर्ट के फैसले की प्रति भी दी थी, किन्तु दुर्भाग्यवश भुगतान से इंकार करते समय उस पर विचार नहीं किया गया। जिस पर कोर्ट ने दोनों अधिकारियों से हलफनामा मांगा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / रामानंद पांडे