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नई दिल्ली, 04 मई (हि.स.)। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने महाराष्ट्र में प्रस्तावित हाई-स्पीड और हाई-डेंसिटी कॉरिडोर सहित राज्य के बीओटी निर्माण-संचालन-हस्तांतरण (बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर- बीओटी) राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा की।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने बताया कि सोमवार को यहां आयोजित समीक्षा बैठक में गडकरी ने नागपुर-भंडारा सेक्शन के छह लेनिंग, तलोदा-बुरहानपुर सेक्शन के चार लेनिंग, दुर्ग-गड़चिरोली-मंचेरियल कॉरिडोर, गड़चिरोली-कांकेर (रायपुर-विशाखापट्टनम) कॉरिडोर, ग्वालियर-नागपुर कॉरिडोर, नागपुर-हैदराबाद कॉरिडोर, भंडारा-रायपुर सेक्शन के छह लेनिंग, लखनादोन-दुर्ग-रायपुर कॉरिडोर, नागपुर-अमरावती सेक्शन के छह लेनिंग, मध्यप्रदेश-महाराष्ट्र बॉर्डर-नागपुर बायपास-बोरखेड़ी स्टेच (एनएच-44) और पुणे-सातारा सेक्शन के छह लेनिंग जैसे प्रमुख राजमार्ग विकास कार्यों पर चर्चा की।
बैठक में राज्य की नौ बीओटी परियोजनाओं पर भी चर्चा की गई। इन परियोजनाओं की कुल लंबाई 527 किलोमीटर है। इन परियोनाओं में शिरूर-अहिल्यानगर (चार लेन), अहिल्यानगर-वडाला (चार लेन), वडाला-छत्रपति संभाजीनगर (चार लेन), छत्रपति संभाजीनगर-जालना (चार लेन), जालना-वातुर (चार लेन), नांदेड़-नरसी-देगलुर (चार व दो लेन), जाम-वरोरा (चार लेन), वरोरा-चंद्रपुर-बामनी (चार लेन) और मलकापुर-चिखली (दो लेन) कॉरिडोर शामिल हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / प्रशांत शेखर