(संशाेधित) सांसद अभिषेक बनर्जी की भर्ती को लेकर बढ़ा विवाद, ममता के वीडियो से सियासी तूफान
(तथ्याें में बदलाव के साथ के साथ पुनः जारी) कोलकाता, 31 मई (हि.स.)। पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय नया विवाद खड़ा हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी को अस्पताल में भर्ती नहीं किए जाने के मामले में पूर्व मुख्
डॉक्टर की रिपोर्ट


(तथ्याें में बदलाव के साथ के साथ पुनः जारी)

कोलकाता, 31 मई (हि.स.)। पश्चिम बंगाल की राजनीति में उस समय नया विवाद खड़ा हो गया, जब तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी को अस्पताल में भर्ती नहीं किए जाने के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री व पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी का एक वीडियो सामने आया। वीडियो में अभिषेक बनर्जी को भर्ती नहीं किए जाने पर ममता बनर्जी बेल व्यू क्लिनिक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रदीप टंडन पर आरोप लगाते दिखाई दे रही हैं।

वीडियो के सामने आने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पूर्व मुख्यमंत्री पर निशाना साधा है। भाजपा नेताओं का आरोप है कि जिस मामले में ममता बनर्जी ने शनिवार रात अस्पताल प्रबंधन पर भाजपा और पुलिस अधिकारियों के दबाव का आरोप लगाया था, उसी मामले में अब वह स्वयं अस्पताल के शीर्ष अधिकारी पर दबाव बनाती नजर आ रही हैं।

भाजपा विधायक तरुण ज्योति तिवारी ने वीडियो साझा करते हुए ममता बनर्जी पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री लंबे समय से झूठ की राजनीति करती रही हैं और विधानसभा चुनाव में करारी हार के बावजूद उनका रवैया नहीं बदला है।

उल्लेखनीय है कि शनिवार काे दक्षिण 24 परगना जिले के सोनारपुर में विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई एक घटना के बाद अभिषेक बनर्जी को पहले कोलकाता के अपोलो अस्पताल ले जाया गया था। वहां चिकित्सकों ने उन्हें भर्ती करने की आवश्यकता नहीं बताई। इसके बाद उन्हें बेल व्यू क्लिनिक ले जाया गया।

शनिवार रात अस्पताल के बाहर मीडिया से बातचीत में ममता बनर्जी ने आरोप लगाया था कि बेल व्यू क्लिनिक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रदीप टंडन पर दक्षिण कोलकाता के पुलिस उपायुक्त ने दबाव बनाया और भाजपा के प्रभाव में अभिषेक को भर्ती नहीं किया गया।

हालांकि, रविवार को सामने आए वीडियो के बाद भाजपा ने पलटवार किया है। पार्टी का कहना है कि यदि चिकित्सकों ने चिकित्सकीय आधार पर भर्ती की आवश्यकता नहीं समझी, तो अस्पताल प्रशासन पर किसी भी प्रकार का दबाव बनाना उचित नहीं था।

इस बीच, बेल व्यू क्लिनिक की मेडिकल रिपोर्ट में कहा गया है कि 38 वर्षीय अभिषेक बनर्जी की स्वास्थ्य स्थिति सामान्य थी। जांच में किसी गंभीर चोट के संकेत नहीं मिले और केवल छाती पर हल्की चोट का उल्लेख किया गया। चिकित्सकों ने उन्हें भर्ती करने की आवश्यकता नहीं बताई तथा कुछ दिनों तक आराम और दवा लेने की सलाह दी।

वीडियो सामने आने के बाद बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। भाजपा पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के व्यवहार पर सवाल उठा रही है, तो तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि भाजपा इस पूरे मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रही है।

फिलहाल, अस्पताल प्रबंधन की ओर से वायरल वीडियो पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीत निगम