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धर्मशाला, 31 मई (हि.स.)। राजनीतिक दृष्टि से अहम कांगड़ा जिला के दो नगर निगम के चुनावी नतीजे बराबरी पर छूटे हैं। धर्मशाला नगर निगम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने एकतरफा और ऐतिहासिक बहुमत हासिल कर अपना कब्जा जमा लिया है। वहीं पालमपुर नगर निगम में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने बाजी मारकर बहुमत हासिल किया है। नगर निगम धर्मशाला के कुल 17 वार्डों में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 11 सीटों पर जबरदस्त जीत दर्ज की है। वहीं पालमपुर नगर निगम में कांग्रेस ने 11 और भाजपा 4 सीटों पर सिमट गई है।
धर्मशाला की बात करें तो प्रदेश की सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी को यहां करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा है और वह महज 5 सीटों पर सिमट कर रह गई। इस चुनाव में एक सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी ने जीत दर्ज की है।
17 वार्डों वाले धर्मशाला नगर निगम में बहुमत के लिए जादुई आंकड़ा 9 सीटों का था, जिसे भाजपा ने 11 सीटें जीतकर आसानी से पार कर लिया है। वहीं पालमपुर में कांग्रेस ने 8 सीटों के आंकड़े को पार कर अपना मेयर और डिप्टी मेयर का पद पक्का कर लिया है। इसी तरह धर्मशाला में नगर निगम में भाजपा का नया मेयर और डिप्टी मेयर बनना पूरी तरह तय है। इस बड़ी जीत से जहां भाजपा कार्यकर्ताओं का मनोबल सातवें आसमान पर है, वहीं कांग्रेस को अपनी रणनीतियों पर नए सिरे से आत्ममंथन करना होगा।
हिमाचल की सत्ता का सेमीफाइनल माने जा रहे यह चुनाव कांग्रेस के लिए बड़ा झटका साबित होने वाला है। सरकार के दम विकास के वादे के साथ चुनाव लड़ी कांग्रेस भाजपा के संगठन की मजबूती और ताकत के आगे बुरी तरह हार गई। हाल यह रहा कि यहां बड़े दिग्गज भी अपना गढ़ नहीं बचा पाए। पूर्व मेयर रजनी ब्यास और डिप्टी मेयर ओंकार नेहरिया को भी इस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा है।
इस चुनाव का सबसे बड़ा और चौंकाने वाला पहलू पुराने राजनीतिक दिग्गजों की हार रहा। चुनाव मैदान में उतरे दो पूर्व मेयर और निवर्तमान डिप्टी मेयर अपनी सीटें बचाने में पूरी तरह नाकाम रहे। धर्मशाला के मतदाताओं ने इस बार पिछली उपलब्धियों और पुराने चेहरों को पूरी तरह नकारते हुए नए चेहरों और बदलाव के पक्ष में एकतरफा मतदान किया है।
सुधीर शर्मा और आशीष बुटेल का बढ़ा कद
आगामी विधानसभा चुनावों का 'सेमीफाइनल' माने जा रहे इन चुनावों के नतीजे राज्य की राजनीति को नया मोड़ देने वाले हैं। धर्मशाला में इस जीत ने जहां स्थानीय विधायक सुधीर शर्मा का कद भाजपा में बढ़ा दिया है। कांग्रेस के पूरे जोर के बाद भी वह भाजपा को एकतरफा जीत दिलाने में कामयाब रहे हैं। वहीं दूसरी ओर पालमपुर से कांग्रेस विधायक आशीष बुटेल का कद भी कांग्रेस पर बढ़ गया है।
हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया