कोरबा में खरीफ की तैयारी पूरी: खाद-बीज का पर्याप्त भंडारण, किसानों को नहीं होगी किसी प्रकार की कमी
कोरबा, 31 मई (हि. स.)। खरीफ सीजन 2026 को लेकर कोरबा जिले में कृषि विभाग ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। किसानों को गुणवत्तायुक्त खाद और बीज समय पर उपलब्ध कराने के लिए जिले में पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों एवं बीजों का भंडारण किया गया है। कृषि व
कोरबा में खरीफ 2026 की तैयारी पूरी: खाद-बीज का पर्याप्त भंडारण, किसानों को नहीं होगी किसी प्रकार की कमी


कोरबा, 31 मई (हि. स.)। खरीफ सीजन 2026 को लेकर कोरबा जिले में कृषि विभाग ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। किसानों को गुणवत्तायुक्त खाद और बीज समय पर उपलब्ध कराने के लिए जिले में पर्याप्त मात्रा में उर्वरकों एवं बीजों का भंडारण किया गया है। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में खाद या बीज की कोई कमी नहीं है और किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी।

कृषि विभाग के उप संचालक डी.पी.एस. कंवर ने बताया कि भारत सरकार एवं राज्य शासन के निर्देशों के अनुरूप किसानों को संतुलित एवं वैज्ञानिक तरीके से उर्वरकों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। रासायनिक उर्वरकों के साथ-साथ जैव उर्वरक, जैविक खाद, हरी खाद तथा नैनो उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे कृषि लागत कम हो और भूमि की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहे।

उन्होंने बताया कि कृषि वैज्ञानिकों की अनुशंसा के अनुसार एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन प्रणाली को अपनाया जा रहा है। इसके तहत किसानों को संतुलित मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सहकारी समितियों में पिछले वर्ष की मांग के आधार पर 80 प्रतिशत यूरिया और 60 प्रतिशत डीएपी का भंडारण कराया जा रहा है।

विभाग के अनुसार यूरिया की शेष 20 प्रतिशत मात्रा अन्य वैकल्पिक उर्वरकों या नैनो यूरिया के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं डीएपी की शेष 40 प्रतिशत मात्रा एनपीके उर्वरक अथवा नैनो डीएपी के माध्यम से किसानों को प्रदान की जाएगी। कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी किसान को नैनो उर्वरक लेने के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा और यह पूरी तरह वैकल्पिक व्यवस्था होगी।

जिले को सहकारी क्षेत्र में 12,700 मीट्रिक टन उर्वरक भंडारण का लक्ष्य मिला है। इसके विरुद्ध अब तक 7,132.58 मीट्रिक टन उर्वरकों का भंडारण किया जा चुका है, जो लक्ष्य का 56.16 प्रतिशत है। इनमें से 1,129.94 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किसानों को किया जा चुका है, जबकि 6,002.64 मीट्रिक टन उर्वरक अभी भी उपलब्ध हैं।

नैनो उर्वरकों की उपलब्धता की बात करें तो सहकारी समितियों में 6,842 लीटर नैनो यूरिया और 5,044 लीटर नैनो डीएपी सहित कुल 11,886 लीटर नैनो उर्वरकों का भंडारण किया गया है। इनमें से 483.50 लीटर का वितरण किया जा चुका है तथा 11,402.50 लीटर नैनो उर्वरक अभी उपलब्ध हैं।

कृषि विभाग द्वारा किसानों के रकबे और फसल की आवश्यकता के अनुसार वैज्ञानिक अनुशंसाओं के आधार पर उर्वरकों का वितरण किया जा रहा है। यूरिया और डीएपी के अलावा एसएसपी तथा एनपीके जैसे वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि फसलों को आवश्यक पोषक तत्व पर्याप्त मात्रा में मिल सकें।

जिले में हरित खाद को बढ़ावा देने के लिए इच्छुक किसानों को ढैंचा बीज 8 किलोग्राम प्रति एकड़ और मूंग बीज 4 किलोग्राम प्रति एकड़ की दर से वितरित किया जा रहा है। इसके अलावा जैव उर्वरक के रूप में नील हरित काई का उत्पादन कृषि विज्ञान केंद्र लखनपुर, कृषि महाविद्यालय कटघोरा, शासकीय उद्यान रोपणी पत्ताड़ी तथा चयनित किसानों के खेतों में कराया जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार नील हरित काई और हरी खाद वातावरण में मौजूद नत्रजन का स्थिरीकरण कर पौधों को आवश्यक नाइट्रोजन उपलब्ध कराती हैं। साथ ही मिट्टी की भौतिक, रासायनिक एवं जैविक गुणवत्ता को बनाए रखते हुए उसकी उर्वरता शक्ति बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

उधर किसानों को गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग ने निगरानी भी तेज कर दी है। खरीफ वर्ष 2026 में 1 अप्रैल से अब तक जिले के 115 उर्वरक विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया गया है। निरीक्षण के दौरान अनियमितता पाए जाने पर 28 विक्रय केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं 8 विक्रय केंद्रों के विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया है तथा एक केंद्र से 58 बोरी यूरिया जब्त की गई है।

कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर उर्वरकों के भंडारण, वितरण और बिक्री की सतत निगरानी की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जमाखोरी, कालाबाजारी या वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेताओं के खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के तहत कड़ी कानूनी एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार/ हरीश तिवारी

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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी