बढ़ती महंगाई और कम किराये से परेशान टैक्सी चालकों ने ओला, उबर और रैपिडो के खिलाफ जताई नाराजगी
पूर्वी सिंहभूम, 31 मई (हि.स.)। बढ़ती महंगाई, ईंधन की लगातार बढ़ती कीमतों और घटती आमदनी से परेशान जमशेदपुर के टैक्सी चालकों ने रविवार को कैब सेवा संचालित करने वाली कंपनियों ओला, उबर और रैपिडो की नीतियों के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की। चालकों का कहना है
चालकों का विरोध प्रदर्शन


पूर्वी सिंहभूम, 31 मई (हि.स.)। बढ़ती महंगाई, ईंधन की लगातार बढ़ती कीमतों और घटती आमदनी से परेशान जमशेदपुर के टैक्सी चालकों ने रविवार को कैब सेवा संचालित करने वाली कंपनियों ओला, उबर और रैपिडो की नीतियों के खिलाफ नाराजगी व्यक्त की। चालकों का कहना है कि मौजूदा किराया व्यवस्था में काम करना उनके लिए आर्थिक रूप से घाटे का सौदा बनता जा रहा है, जिससे परिवार का भरण-पोषण करना भी कठिन हो गया है।

टैक्सी चालकों का आरोप है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार वृद्धि के बावजूद कंपनियों ने बेस किराये में कोई बढ़ोतरी नहीं की है। उनका कहना है कि वर्तमान किराया दरों पर मिलने वाली आय का बड़ा हिस्सा वाहन की ईएमआई, रखरखाव, मरम्मत और ईंधन पर खर्च हो जाता है। इसके बाद उनके पास बहुत कम राशि बचती है, जिससे दैनिक जरूरतों को पूरा करना मुश्किल हो रहा है।

चालक रमेश सिंह, भोला और टोपनो पूर्ति सहित कई ड्राइवरों ने कहा कि कंपनियों को मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए बेस चार्ज और प्रति किलोमीटर किराये की दरों की समीक्षा करनी चाहिए। उनका कहना है कि यदि समय रहते किराये में संशोधन नहीं किया गया तो हजारों चालकों के सामने आर्थिक संकट और गहरा सकता है।

ड्राइवरों ने कंपनियों की हेल्पलाइन और कस्टमर केयर सेवाओं की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि दुर्घटना, यात्री विवाद, भुगतान संबंधी समस्या या अन्य आपात स्थितियों में सहायता के लिए संपर्क करने पर अपेक्षित सहयोग नहीं मिलता। कई बार शिकायतों के समाधान में काफी देरी होती है, जिससे चालकों को अतिरिक्त परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

चालकों का कहना है कि वे दिन-रात मेहनत कर यात्रियों को सुरक्षित सेवा प्रदान करते हैं, लेकिन उनकी समस्याओं और मांगों पर कंपनियां गंभीरता नहीं दिखा रही हैं। उनका मानना है कि किराया निर्धारण और सेवा शर्तों को लेकर चालकों के साथ नियमित संवाद होना चाहिए, ताकि उनकी वास्तविक समस्याओं का समाधान निकल सके।

इस बीच, जमशेदपुर टैक्सी ड्राइवर यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा। यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि पहले चरण में धरना-प्रदर्शन और विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसके बाद भी यदि कंपनियां उनकी मांगों पर विचार नहीं करती हैं तो शहरभर में टैक्सी सेवाएं बंद कर हड़ताल की जा सकती है।

यूनियन ने संबंधित कंपनियों से किराया संरचना की समीक्षा करने, चालकों के हितों की रक्षा करने और हेल्पलाइन सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने की मांग की है। साथ ही प्रशासन से भी इस मामले में हस्तक्षेप कर टैक्सी चालकों की समस्याओं के समाधान की दिशा में पहल करने की अपील की गई है।------------

हिन्दुस्थान समाचार / गोविंद पाठक