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शिमला, 31 मई (हि.स.)। विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने लोगों, खासकर युवाओं से तंबाकू और निकोटिन उत्पादों से दूर रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ, जागरूक और नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए सभी लोगों को मिलकर प्रयास करने होंगे।
अपने संदेश में राज्यपाल ने कहा कि इस वर्ष विश्व तंबाकू निषेध दिवस की थीम “आकर्षण का पर्दाफाश – निकोटिन एवं तंबाकू की लत का मुकाबला” यह बताती है कि तंबाकू उत्पादों का आकर्षण केवल दिखावटी है, जबकि इसके परिणाम व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार और पूरे समाज के लिए बेहद नुकसानदायक होते हैं।
उन्होंने कहा कि तंबाकू का सेवन कई गंभीर और जानलेवा बीमारियों की वजह बनता है। इसका सबसे अधिक असर युवाओं के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है। ऐसे में समाज के सभी वर्गों को मिलकर तंबाकू और निकोटिन की लत के खिलाफ व्यापक जागरूकता अभियान चलाना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ियों को इस बुराई से बचाया जा सके।
राज्यपाल ने कहा कि तंबाकू उत्पादों का आकर्षण भ्रामक है और यह व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ-साथ परिवार की खुशहाली और समाज की प्रगति के लिए भी खतरा पैदा करता है। उन्होंने कहा कि युवाओं को इसके दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने और उन्हें सकारात्मक जीवन मूल्यों की ओर प्रेरित करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि युवाओं को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, खेलकूद, योग और अन्य रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना समय की मांग है। राज्यपाल के अनुसार परिवार, शिक्षण संस्थानों और समाज की साझा जिम्मेदारी है कि वे तंबाकू और निकोटिन की लत के खिलाफ जागरूकता फैलाएं और नशामुक्त वातावरण तैयार करने में अपनी भूमिका निभाएं।
कविंद्र गुप्ता ने कहा कि स्वस्थ और सशक्त युवा ही देश की सबसे बड़ी ताकत हैं। यदि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने में सफलता मिलती है तो यह विकसित और समृद्ध भारत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा। उन्होंने विश्वास जताया कि हिमाचल प्रदेश के लोग इस अभियान में सक्रिय सहयोग देंगे और तंबाकू मुक्त तथा स्वस्थ समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा