Enter your Email Address to subscribe to our newsletters

नारायणपुर, 31 मई (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ अंर्तगत दूरस्थ इरकभट्टी गांव में नक्सलवाद की समाप्ति के बाद एक अलग माहौल देखने को मिल रहा है। कभी नक्सली प्रभाव के कारण मुख्यधारा से कटे रहे इस गांव में पहली बार रविवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' का सामूहिक श्रवण किया गया। खास बात यह रही कि नक्सल मुक्ति के बाद पहली बार छत्तीसगढ़ सरकार के किसी मंत्री ने इरकभट्टी गांव पहुंचकर सैकड़ों ग्रामीण के बीच बैठकर प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को सुना।
नारायणपुर के विधायक एवं वन मंत्री केदार कश्यप अपने ही विधानसभा के इलाके अबूझमाड़ के दूरस्थ इरकभट्टी गांव में पहली बार पंहुचकर स्थानिय ग्रामीणों के साथ इमली पेड़ की छांव तले बैठकर प्रधानमंत्री के 'मन की बात' कार्यक्रम को सुना। कार्यक्रम में बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों सहित सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए। ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री के विचारों और देश के विकास से जुड़े विषयों को ध्यानपूर्वक सुना। 'मन की बात' के 134वें एपिसोड में प्रधानमंत्री ने एथलेटिक्स में देश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों के संघर्ष और उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए युवाओं को प्रेरित किया।
मंत्री केदार कश्यप ने बताया कि एक समय क्षेत्र में नक्सली प्रभाव इतना अधिक था कि लोग भय और असुरक्षा के माहौल में जीवन बिताने को मजबूर थे। स्थानिय विधायक हाेने के बावजूद यहां तक पंहुचना नामुनकिन था। अब हालात बदल रहे हैं और शांति का वातावरण बनने लगा है। इसी बदले माहौल में पहली बार ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से प्रधानमंत्री का संबोधन सुना। गांव के बीच स्थित इमली पेड़ के नीचे आयोजित यह कार्यक्रम लोकतांत्रिक सहभागिता और सामाजिक बदलाव का प्रतीक बन गया है। जिस क्षेत्र की पहचान कभी भय और बंदूक से होती थी, वहीं अब ग्रामीण स्वेच्छा से एकत्र होकर देश के प्रधानमंत्री के विचार सुन रहे हैं। इरकभट्टी की यह चौपाल अबूझमाड़ में लौटते विश्वास, शांति और विकास की नई कहानी बयां कर रही है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे