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नैनीताल, 29 मई (हि.स.)। उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने पिथौरागढ़ में 2021 में खुंखरी से जानलेवा हमला करने के मामले में दोषी नवीन सिंह खड़ायत की दोषसिद्धि को बरकरार रखते हुए उसकी सजा में आंशिक राहत दी है। खंडपीठ ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपित के खिलाफ आरोप साबित करने में सफल रहा है, लेकिन मामले की परिस्थितियों को देखते हुए सजा में कुछ नरमी बरती जा सकती है। न्यायालय ने ट्रायल कोर्ट की दी गई 10-10 वर्ष की सजा को घटाकर 7-7 वर्ष कर दिया है।
शुक्रवार काे न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी एवं न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के बाद अपना फैसला सुना दिया है। मामले के अनुसार नवीन सिंह खड़ायत ने हाई कोर्ट में अपील दायर कर पिथौरागढ़ के सत्र न्यायाधीश की ओर से पारित निर्णय को चुनौती दी गई थी। ट्रायल कोर्ट ने आरोपित को दोषी ठहराते हुए कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। अभियोजन के अनुसार 14 अक्टूबर 2021 की रात पिथौरागढ़ के जाजर देवल क्षेत्र में आरोपी ने पुरानी रंजिश के चलते ललित सिंह पर खुंखरी से जानलेवा हमला कर दिया था। हमले में पीड़ित का दाहिना हाथ गंभीर रूप से कट गया था तथा सिर, चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों में भी गहरी चोटें आई थीं। गंभीर हालत में पहले उसे जिला अस्पताल पिथौरागढ़ और बाद में हल्द्वानी होते हुए बरेली रेफर किया गया, जहां संक्रमण फैलने के कारण डॉक्टरों को उसका हाथ काटना पड़ा।
खंडपीठ ने अपने निर्णय में कहा कि रिकॉर्ड से स्पष्ट है कि आरोपित और घायल के बीच गौशाला को लेकर पुराना विवाद था, जिसके चलते यह घटना हुई। न्यायालय ने माना कि आरोपित पिछले चार वर्षों से अधिक समय से जेल में है तथा घटना अचानक उत्पन्न विवाद और आवेश में हुई प्रतीत होती है। इन्हीं विशेष परिस्थितियों को देखते हुए सजा में कमी करना उचित है।
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हिन्दुस्थान समाचार / लता