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रीवा, 29 मई (हि.स.)। यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले बस संचालकों पर मध्य प्रदेश के रीवा आरटीओ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नौ स्लीपर बसों के रजिस्ट्रेशन निलंबित कर दिए हैं। ये बसें वाराणसी, नागपुर, प्रयागराज, इंदौर और रायपुर सहित विभिन्न अंतरराज्यीय मार्गों पर संचालित हो रही थीं। विशेष जांच अभियान में सुरक्षा मानकों में गंभीर खामियां मिलने के बाद यह कदम उठाया गया।
आरटीओ विभाग ने शुक्रवार काे यह कार्रवाई परिवहन आयुक्त मध्यप्रदेश, ग्वालियर के निर्देश पर की गई जांच के आधार पर की। जांच में सामने आया कि कई बसों में फायर सेफ्टी उपकरण तक नहीं लगे थे, जबकि स्लीपर बसों में यह व्यवस्था अनिवार्य होती है। आग लगने जैसी आपात स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा के लिए इन उपकरणों का होना बेहद जरूरी माना जाता है।
जांच के दौरान कई बसों में चालक सीट के पीछे अवैध पार्टिशन डोर भी पाए गए। आरटीओ मनीष त्रिपाठी ने बताया कि आपात स्थिति में यही रास्ता यात्रियों के बाहर निकलने के लिए महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में पार्टिशन डोर लगाना केंद्रीय मोटरयान नियम 1989 और मोटरयान अधिनियम 1988 का उल्लंघन है।
कार्रवाई के दायरे में आई बसों में महाराष्ट्र की चार, तेलंगाना और अरुणाचल प्रदेश की एक-एक बस शामिल हैं। इसके अलावा उज्जैन, आगर-मालवा और देवास में पंजीकृत एक-एक बस पर भी कार्रवाई की गई है। सभी वाहनों के पंजीयन निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और उनके रजिस्ट्रेशन तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए गए हैं।
आरटीओ अधिकारियों ने बताया कि पिछले कुछ समय में देशभर में स्लीपर बसों में आग लगने और सड़क हादसों की घटनाएं बढ़ी हैं। इन्हीं घटनाओं को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा मानकों के पालन के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यात्रियों की जान जोखिम में डालने वाले वाहन संचालकों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। बस संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी सुरक्षा उपकरण अनिवार्य रूप से लगाएं और मोटरयान अधिनियम के नियमों का पालन सुनिश्चित करें।
हिन्दुस्थान समाचार / हीरेन्द्र द्विवेदी