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पलामू, 29 मई (हि.स.)। राज्यव्यापी चक्का जाम कार्यक्रम के तहत उच्च और तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से जारी कलस्टर सिस्टम के संकल्प पत्र और नीट के पेपर लीक के खिलाफ शुक्रवार को छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) के संयुक्त तत्वावधान में शहर के रेड़मा चौक पर चक्का जाम और प्रदर्शन किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार विरोधी नारे लगाए और सड़क जाम कर आवागमन पूरी तरह ठप कर दिया।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेताओं ने झारखंड सरकार के कलस्टर सिस्टम पर विरोध जताते हुए कहा कि इसके तहत सुदूरवर्ती क्षेत्रों के कॉलेजों को आपस में मर्ज किया जा रहा है। कॉलेज सीमित और दूर हो जाने से ग्रामीण छात्र पढ़ाई छोड़ने पर विवश होंगे। इसके साथ ही कॉलेजों के विलय से प्रोफेसरों और अन्य कर्मियों के सृजित पद खत्म हो जाएंगे, जिससे युवाओं के सामने गंभीर रोजगार संकट पैदा होगा और नेट, जेट और सेट जैसी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों का भविष्य पूरी तरह अंधकारमय हो जाएगा।
प्रदर्शनकारियों ने देश में लगातार हो रहे पेपर लीक मामलों पर केंद्र सरकार की आलोचना की। वक्ताओं ने कहा कि नीट परीक्षा का पेपर लीक होना देश के लगभग 22 लाख छात्रों के भविष्य से खिलवाड है।
नेताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि चक्का जाम सांकेतिक कार्यक्रम था। यदि झारखंड सरकार कलस्टर सिस्टम को तुरंत वापस नहीं लेती है और पेपर लीक कराने वालों पर कठोर कार्रवाई नहीं होती है, तो उग्र आंदोलन होगा।
कार्यक्रम का नेतृत्व मुख्य रूप से आइसा पलामू के जिला सचिव गौतम दांगी और राज्य उपाध्यक्ष रंजीत कुमार सिंह ने किया।
मौके पर आइसा जिलाध्यक्ष गुड्डू भुइयां, खुशबू कुमारी, कंचन राज भारती, आर वाई ए के जिला सचिव पवन विश्वकर्मा, अंशु प्रसाद, ऋषि रौशन, चंदन कुमार सहित सैकड़ों की संख्या में छात्र उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / दिलीप कुमार