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शिमला, 29 मई (हि.स.)। पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना से लाभान्वित अनुसूचित जनजातीय क्षेत्र के 21 विद्यार्थियों ने आज यहां मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिह सुक्खू से भेंट की और अपने शैक्षणिक अनुभव साझा किए। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योेजना के अंतर्गत विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए 20 लाख रुपये तक का ऋण एक प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध करवा रही है।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से इस सुविधा का भरपूर लाभ उठाकर जीवन में अपने लक्ष्य हासिल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में विभिन्न सुधार किए हैं ताकि विद्यार्थियों को उनके घरों के निकट गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके।
सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के 156 से अधिक स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम शुरू किया है। इन स्कूलों में विद्यार्थियों को कला, विज्ञान और वाणिज्य संकायों में शिक्षा प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के व्यावहारिक प्रयासों के परिणामस्वरूप शिक्षा क्षेत्र में व्यापक परिवर्तन देखने को मिला है और हाल ही में किए गए एक राष्ट्रीय सर्वेक्षण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में हिमाचल प्रदेश 13वें स्थान से बढ़कर 6वें स्थान पर पहुंच गया है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने बेटियों की विवाह योग्य आयु को भी लड़कों के समान 18 वर्ष से बढ़ाकर 21 वर्ष कर दिया है। उन्होंने कहा कि राज्य में अनुसूचित जनजाति समुदाय की शिक्षा में भूमिका से लोगों को अवगत करवाने के लिए 10 मई से 9 जून, 2026 तक अनुसूचित जनजाति गरीमा उत्सव मनाया जा रहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला