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मंडी, 29 मई (हि.स.)। प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी कोर्ट नंबर तीन मंडी कर्म प्रताप सिंह ठाकुर ने चेक बाउंस के एक मामले में दोष सिद्ध हो जाने पर दोषी को 6 महीने की कैद व 5 लाख रूपए जुर्माना भरने की सजा सुनाई। 22 सितंबर 2014 को पंजीकरण नंबर 326/15 के तहत राम हरी ऑटो प्रा लिमिटेड रानी की बांई गुटकर जिला मंडी के निदेशक गुरसेवक सिंह ने अपने वकील महेश चोपड़ा के माध्यम से जो याचिका दायर की थी, उसके तहत यह फैसला सुनाया गया। यह निर्णय अदालत ने नेशोशिएबल एक्ट की धारा 138 के तहत दोष साबित होने पर दिया।
दायर याचिका में कहा गया था कि गोपाल कृष्ण पुत्र परमा नंद सैणी गांव सिंहन डाकघर गागल तहसील बल्ह जिला मंडी को याची की फर्म जिसके पास मान ट्क की डीलरशिप थी को लेकर अनुबंध हुआ था जिसके तहत उसने याची की फर्म को एक चेक 146244 दिनांक 25 जून 2014 जो भारतीय स्टेट बैंक का था तथा जिसकी राशि 3 लाख 46 हजार रूपए थी अदा किया मगर उनके बैंक से इस टिप्पणी के साथ वापस आ गया कि इस खाते में पर्याप्त राशि नहीं है। बार बार कहने की भी जब यह राशि अदा नहीं हुई तो उन्होंने वकील महेश चोपड़ा के माध्यम से अदालत में याचिका दायर की। याची के वकील ने इसमें जो तथ्य प्रस्तुत किए उसे अदालत ने पर्याप्त पाकर यह फैसला दिया। दोषी यदि ऊपरी अदालत में अपील करना चाहे तो उसके लिए इस फैसले में प्रावधान किया कि वह 30 दिन में ऐसा कर सकता है और इसके लिए इस सजा व जुर्माने पर 30 दिन तक अमल रोककर उसे जमानत दे दी। यदि 30 दिन में अपील दायर नहीं की जाती तो इस सजा पर अमल हो जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा