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नई दिल्ली, 29 मई (हि.स.)। राजधानी दिल्ली की हवा में सुधार देखने को मिल रहा है। गुरुवार को हवा और बारिश के बाद प्रदूषण के स्तर पर काफी कमी आई है। ऐसे में शुक्रवार शाम चार बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 123 दर्ज किया गया। इसके बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की उप-समिति ने क्षेत्र में लागू चरण-1 की सभी पाबंदियां तत्काल प्रभाव से हटा दीं।
उप-समिति की बैठक में बताया गया कि तेज हवाओं और हल्की बारिश के कारण दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक सुधरकर 29 मई 2026 को शाम 4 बजे 123 दर्ज किया गया, जो “मध्यम” श्रेणी में आता है।
इसके साथ मौसम विभाग के पूर्वानुमानों में भी संकेत मिला है कि आने वाले दिनों में एक्यूआई मध्यम श्रेणी में ही बना रह सकता है।
19 मई को ग्रैप 1 की पाबंदियां लागू की गई थी। आयोग ने साफ कहा कि स्थिति फिलहाल स्थिर है, लेकिन लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है।एनसीआर
की सभी राज्य सरकारों और संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी पर्यावरण नियमों का सख्ती से पालन हो।
उल्लेखनीय है कि ग्रैप 1 की पाबंदियों के तहत दिल्ली में निर्माण कार्य स्थल 500 वर्ग मीटर से अधिक के प्लॉट पर निर्माण या तोड़-फोड़ की गतिविधियों के लिए पंजीकरण अनिवार्य होता है। इसके साथ धूल को उड़ने से रोकने के लिए यांत्रिक रूप से सड़कों की सफाई और पानी का छिड़काव बढ़ाया जाता है। खुले में किसी भी तरह का कचरा या मलबा जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध होता है। पुराने बीएस -3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल वाहनों पर कड़ी नज़र रखी जाती है। पल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट की सघन जांच होती है। होटल और रेस्तरां में कोयले या जलावन लकड़ी के इस्तेमाल पर पाबंदी होती है।
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हिन्दुस्थान समाचार / विजयालक्ष्मी