ईस्ट कोस्ट रेलवे मजदूर संघ का रेल बोर्ड की ‘पोस्ट सरेंडर नीति’ के खिलाफ प्रदर्शन
भुवनेश्वर, 29 मई (हि.स.)। रेलवे बोर्ड द्वारा लागू की जा रही पोस्ट सरेंडर नीति एवं श्रमिक विरोधी नीतियों के विरोध में ईस्ट कोस्ट रेलवे मजदूर संघ के नेतृत्व में रेल सदन स्थित महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन किया। इस आंदो
ईस्ट कोस्ट रेलवे मजदूर संघ का रेल बोर्ड की ‘पोस्ट सरेंडर नीति’ के खिलाफ प्रदर्शन


भुवनेश्वर, 29 मई (हि.स.)। रेलवे बोर्ड द्वारा लागू की जा रही पोस्ट सरेंडर नीति एवं श्रमिक विरोधी नीतियों के विरोध में ईस्ट कोस्ट रेलवे मजदूर संघ के नेतृत्व में रेल सदन स्थित महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन किया।

इस आंदोलन में खुर्दा रोड मंडल, संबलपुर मंडल, विशाखापत्तनम मंडल, मनेश्वर वर्कशॉप तथा ईस्ट कोस्ट रेलवे की विभिन्न इकाइयों से बड़ी संख्या में रेल कर्मचारी एवं ट्रेड यूनियन कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम सुबह 9 बजे से शुरू होकर दोपहर 1 बजे तक चला।

प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने रेलवे बोर्ड द्वारा लगातार पदों को समाप्त किए जाने और रिक्त पदों पर भर्ती नहीं किए जाने को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की। कर्मचारियों का कहना था कि तकनीकी, लोको रनिंग, इंजीनियरिंग, सिग्नल, परिचालन, ट्रैक मेंटेनेंस, स्टेशन, वाणिज्यिक, ट्रेन मैनेजर, गार्ड, आरपीएफ, कंट्रोल, ऑफिस तथा अन्य विभागों में भारी संख्या में रिक्तियां मौजूद हैं, जिससे रेल सुरक्षा, रखरखाव, उत्पादकता और कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

धरना सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि पोस्ट सरेंडर नीति को तत्काल वापस लिया जाना चाहिए तथा सभी रिक्त पदों पर शीघ्र भर्ती सुनिश्चित की जानी चाहिए। कर्मचारियों ने यह भी मांग की कि रेलवे में पर्याप्त जनशक्ति उपलब्ध कराई जाए और कर्मचारियों के अधिकारों एवं कार्य परिस्थितियों की रक्षा की जाए।

ईस्ट कोस्ट रेलवे मजदूर संघ के महासचिव त्रिलोचन साहू ने रेलवे बोर्ड की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि नई नीतियां कर्मचारियों और रेलवे सुरक्षा दोनों के लिए हानिकारक साबित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे को मजबूत बनाने के लिए उचित भर्ती एवं जनशक्ति योजना आवश्यक है।

सभा में विभिन्न ट्रेड यूनियन नेताओं ने भी अपने विचार व्यक्त किए और कर्मचारियों से एकजुट होकर अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया। आंदोलन को अन्य संबद्ध संगठनों का भी समर्थन प्राप्त हुआ।

कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और अंत में कर्मचारियों ने रेलवे सुरक्षा तथा सार्वजनिक सेवा की मजबूती के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनीता महंतो