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एक लाख आबादी प्रभावित, मंत्री विश्वास सारंग ने किया निरीक्षण
भोपाल, 29 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में 43 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच रहे तापमान के बीच जल और बिजली संकट ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शहर के कई इलाकों में रात के समय बार-बार बिजली गुल होने की शिकायतें सामने आ रही हैं, वहीं निर्माण कार्यों के चलते पानी की पाइपलाइन बार-बार क्षतिग्रस्त हो रही है।
शुक्रवार को करोंद क्षेत्र में कोलार जल प्रदाय की मुख्य पाइपलाइन फिर फूट गई, जिससे लगभग एक लाख आबादी को जल संकट का सामना करना पड़ रहा है। इससे एक दिन पहले करोंद चौराहे के पास गुरुवार सुबह मेट्रो की खुदाई के दौरान कोलार पाइप लाइन फूट गई। इसके कारण पुराने भोपाल के बड़े हिस्से में पानी सप्लाई प्रभावित हो गई। शुक्रवार को भी करीब 1 लाख आबादी तक पानी नहीं पहुंचा। पिछले 15 दिन में मेट्रो और एनएचएआई की खुदाई के दौरान 14वीं बार पाइप लाइन टूटी है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के मंत्री विश्वास सारंग शुक्रवार दोपहर करोंद क्षेत्र पहुंचे और मौके का निरीक्षण किया। इस दौरान नगर निगम, जिला प्रशासन, मेट्रो कॉरपोरेशन और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी भी मौजूद रहे। मंत्री ने अधिकारियों को लापरवाही पर फटकार लगाते हुए तत्काल सुधार कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों के दौरान नागरिकों की मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता दी जाए और भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों, इसके लिए समन्वय के साथ कार्य किया जाए। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में टैंकरों के माध्यम से जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
नगर निगम के अनुसार, बैरसिया रोड स्थित आरिफ नगर क्षेत्र में मेट्रो निर्माण के दौरान कोलार फीडर की 400 मिलीमीटर व्यास की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे एलआईजी, नारियलखेड़ा, चौकसे नगर, जेपी नगर, आरिफ नगर, डीआईजी चौराहा, रेशम केंद्र और टीला जमालपुरा सहित कई क्षेत्रों की जल आपूर्ति बाधित हुई है। नगर निगम ने कहा है कि निर्माण एजेंसियों को पहले पाइपलाइन और सीवर लाइन शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन कई स्थानों पर बिना शिफ्टिंग के ही खुदाई की जा रही है, जिससे बार-बार पाइपलाइन क्षति और जल संकट की स्थिति उत्पन्न हो रही है।
वहीं राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अयोध्या बायपास परियोजना के तहत भी पिछले 15 दिनों में कई बार पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे जलापूर्ति व्यवस्था पर लगातार दबाव बढ़ रहा है। नगर निगम ने मेट्रो प्रबंधन को नोटिस जारी करने और आर्थिक दंडात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / नेहा पांडे