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जयपुर, 26 मई (हि.स.)। राजस्थान उच्च न्यायालय ने सोना तस्करी के आरोप में निचली अदालत में ट्रायल का सामना कर रही थाईलैंड निवासी महिला सोना तस्कर का पासपोर्ट रिलीज करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने निचली अदालत को कहा है कि वह पासपोर्ट के नवीनीकरण के लिए उसे रिलीज करें। वहीं अदालत ने स्पष्ट किया है कि याचिकाकर्ता बिना अदालत की अनुमति देश छोडकर नहीं जाएगी। इसके साथ ही अदालत ने मामले में उचित कार्रवाई के लिए इस फैसले की जानकारी इमिग्रेशन ऑफिसर को देने को कहा है। जस्टिस अनूप कुमार की एकलपीठ ने यह आदेश आरोपी महिला की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
याचिका में अधिवक्ता अरविंद भादू ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता को सोना तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था और आर्थिक अपराध अदालत में उसकी सुनवाई चल रही है। याचिकाकर्ता को मामले में जमानत मिल चुकी है, लेकिन उसका पासपोर्ट बीते साल 6 जनवरी को एक्सपायर होने के चलते वह थाईलैंड नहीं जा पा रही है। पासपोर्ट का नवीनीकरण कराने के लिए उसने निचली अदालत में प्रार्थना पत्र दिया था, लेकिन अदालत ने उसे खारिज करते हुए पासपोर्ट रिलीज करने से इनकार कर दिया। इसे चुनौती देते हुए कहा गया कि संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत विदेशी व्यक्ति सहित सभी लोगों को गरिमापूर्ण जीवन जीने का अधिकार है। ऐसे में उसका पासपोर्ट रिलीज किया जाए। जिसका विरोध करते हुए सरकारी वकील ने कहा कि याचिकाकर्ता सोना तस्करी करने की आदतन अपराधी है। उसने अपनी जमानत का भी दुरुपयोग किया और वह 7 जनवरी, 2025 को अदालत में पेश नहीं हुई। उसकी जमानत भी जब्त की गई थी और वह गत 14 मई तक फरार रही। यदि उसका पासपोर्ट रिलीज किया गया तो वह उसका नवीनीकरण करवा कर थाईलैंड चली जाएगी और वापस लौटकर नहीं आएगी। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद अदालत ने याचिकाकर्ता का पासपोर्ट रिलीज करने को कहा है।
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हिन्दुस्थान समाचार / पारीक