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उमरिया, 26 मई (हि.स.)। मध्य प्रदेश के उमरिया कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में मंगलवार को एक ऐसा मामला सामने आया जिसने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। अपनी शिकायतों और आवेदन पावती की प्रतियां पूरे शरीर पर चिपकाकर एक पीड़ित फरियादी न्याय की गुहार लगाने पहुंचा। उसे देखकर वहां मौजूद लोग हैरान रह गए।
चंदिया निवासी बृजेन्द्र नाथ शुक्ला अपनी पुस्तैनी जमीन के विवाद को लेकर 48वीं बार जनसुनवाई में पहुंचे थे। उनका आरोप है कि कटनी से जुड़े कथित भूमाफिया उनकी जमीन पर कब्जा किए हुए हैं और लगातार दबाव बनाकर जमीन बेचने के लिए मजबूर कर रहे हैं।
पीड़ित का कहना है कि वह तहसीलदार से लेकर कलेक्टर और कमिश्नर कार्यालय तक कई बार शिकायत कर चुका है, लेकिन अब तक उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी जमीन नेशनल हाईवे के किनारे स्थित है, जिसकी वजह से उस पर कब्जे की कोशिश की जा रही है।
बृजेन्द्र नाथ शुक्ला ने बताया कि कुछ लोगों ने उनका मोबाइल तोड़ दिया, घर में नुकसान पहुंचाया और फसल में आग लगा दी। उनका आरोप है कि संबंधित लोग प्लॉटिंग का काम करते हैं और प्रभावशाली लोगों का संरक्षण प्राप्त होने के कारण प्रशासनिक कार्रवाई नहीं हो रही।
जनसुनवाई के दौरान फरियादी के आवेदन और पावती से लदे होने का वीडियो भी लोगों ने बनाया, जो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। कई लोगों ने इसे सरकारी व्यवस्था की विफलता बताते हुए सवाल उठाए हैं कि आखिर एक व्यक्ति को न्याय के लिए बार-बार अधिकारियों के चक्कर क्यों लगाने पड़ रहे हैं।
इस मामले में संयुक्त कलेक्टर अमित सिंह बम्हरौलिया ने बताया कि आवेदक का आवेदन प्राप्त कर लिया गया है और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
लगातार 47 बार जनसुनवाई में पहुंच चुके इस फरियादी का मामला अब नए प्रशासनिक अधिकारियों के सामने भी चुनौती बनकर उभरा है। अब देखना होगा कि पीड़ित को राहत मिलती है या उसे इसी तरह न्याय के लिए भटकना पड़ता है।
हिन्दुस्थान समाचार / सुरेन्द्र त्रिपाठी