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जांजगीर-चांपा 26 मई (हि. स.)। जांजगीर-चांपा जिले में भूजल संरक्षण एवं जल उपलब्धता की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के उद्देश्य से 26 मई से विशेष प्री-मानसून भूजल सर्वे अभियान प्रारंभ किया गया है।
ग्रामीण विकास मंत्रालय के निर्देशानुसार जिले की सभी ग्राम पंचायतों में यह अभियान 15 जून तक संचालित किया जाएगा। अभियान के तहत जलदूत मोबाइल ऐप के माध्यम से प्रत्येक गांव के कुओं एवं बोरवेल का जल स्तर ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले में भूजल की वर्तमान स्थिति का वैज्ञानिक विश्लेषण करना तथा आगामी वर्षा ऋतु के बाद भूजल स्तर में होने वाले बदलावों का तुलनात्मक अध्ययन करना है। अभियान से प्राप्त आंकड़े भविष्य में जल संरक्षण योजनाओं, भूजल संवर्धन कार्यों एवं संभावित जल संकट के आकलन में उपयोगी सिद्ध होंगे।
कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी गोकुल रावटे के मार्गदर्शन में ने चयनित खुले कुओं एवं बोरवेल में उपलब्ध जल की वर्तमान गहराई मापकर उसका डिजिटल डेटा जलदूत ऐप में ऑनलाइन दर्ज किया जाएगा। यह डेटा प्री-मानसून रिकॉर्ड के रूप में सुरक्षित रखा जाएगा। वर्षाकाल समाप्त होने के बाद पुनः उन्हीं स्थलों पर भूजल स्तर का मापन किया जाएगा, जिससे जल स्तर में आए वास्तविक परिवर्तन का स्पष्ट आंकलन किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि ग्रामीण विकास मंत्रालय से प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुसार मनरेगा के तकनीकी अमला इस कार्य को संपादित करेंगे। अभियान में जलयुक्त स्रोतों के साथ-साथ सूखे कुओं को भी शामिल किया जाएगा, ताकि भूजल संरचना, जल उपलब्धता एवं जल स्तर में हो रहे परिवर्तनों का व्यापक एवं वैज्ञानिक विश्लेषण संभव हो सके।
हिन्दुस्थान समाचार/लालिमा शुक्ला पुरोहित
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हिन्दुस्थान समाचार / LALIMA SHUKLA PUROHIT