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जयपुर, 26 मई (हि.स.)। शहर की फैमिली कोर्ट ने लिव इन रिलेशनशिप में रहते हुए जन्मी बच्ची के मामले में लंदन निवासी पिता को राहत दी है। कोर्ट ने अप्रार्थिया मां को कहा है कि वह हर महीने के दूसरे व चौथे रविवार को सुबह 12 बजे से डेढ़ बजे तक वीसी के जरिए प्रार्थी की बेटी से बातचीत करवाए। इसके अलावा मां को यह भी कहा है कि वह बेटी की शिक्षा व स्वास्थ्य के संबंध में भी पिता को हर महीने रिपोर्ट मुहैया कराए। कोर्ट ने यह निर्देश लंदन निवासी पिता के प्रार्थना पत्र पर दिया।
अदालत ने कहा है कि यदि इन दोनों रविवार को वीसी संभव नहीं हो तो शेष रविवार को इसके लिए व्यवस्था की जाए। मामले से जुडे अधिवक्ता सुनील शर्मा ने बताया कि प्रार्थी साल 2022 में अप्रार्थी महिला से गोवा में मिला था। इस दौरान दोनों के बीच प्रेम संबंध बने और वे कुछ समय तक लिव इन रिलेशनशिप में भी रहे। इसके चलते 16 दिसंबर 2022 को उनके एक बेटी का जन्म हुआ। वहीं कुछ समय बाद दोनों के बीच विवाद शुरू हो गए। अप्रार्थिया ने पिता को न बेटी से मिलने दिया और न ही बातचीत करने दी। जबकि बेटी को यदि पिता के प्रेम व वात्सल्य से वंचित किया जाता है तो इसका असर बेटी के शारीरिक व मानसिक विकास पर भी पडेगा। ऐसे में प्रार्थी पिता ने अपनी बेटी से फोन पर बातचीत करवाए जाने के संबंध में फैमिली कोर्ट में प्रार्थना पत्र दायर किया। इसके जवाब में अप्रार्थिया का कहना था कि प्रार्थी ने आधारहीन प्रार्थना पत्र पेश किया है जिसे खारिज किया जाए। कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनकर पिता को बेटी से हर महीने दो बार वीसी के जरिए बातचीत करवाने का निर्देश दिया।
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हिन्दुस्थान समाचार / पारीक