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बैंक खातों, नेट बैंकिंग, यूपीआई और विदेशी डिजिटल प्लेटफॉर्म का प्रयोग
साइबर ठगी की धनराशि को छिपाकर करते थे अवैध लेन-देन
झांसी, 26 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के झांसी जनपद में साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत प्रेमनगर थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति के निर्देशन में मंगलवार को प्रेमनगर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए साइबर अपराध से जुड़े एक संगठित गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से साइबर अपराध में प्रयुक्त आठ मोबाइल फोन, एक सिम कार्ड, चार एटीएम कार्ड, चेकबुक तथा विभिन्न बैंकिंग दस्तावेज बरामद किए हैं।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह बैंक खातों, नेट बैंकिंग, यूपीआई और विदेशी डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर साइबर ठगी की धनराशि को छिपाकर अवैध लेन-देन करता था। आरोपियों द्वारा विभिन्न लोगों के बैंक खातों का उपयोग कर ऑनलाइन गेमिंग और विदेशी वेबसाइटों के माध्यम से साइबर फ्रॉड को अंजाम दिया जा रहा था।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में रागीब अहमद, सनी अमराया, सोहिल खान, अनुभव सिंह, दानिश खान उर्फ नूर, सौरभ विश्वकर्मा और देवेश कुमार गौतम शामिल हैं। पूछताछ में पता चला कि गिरोह का नेटवर्क मध्यप्रदेश के इंदौर तक फैला हुआ है और इसका संचालन ध्रुव नामक व्यक्ति द्वारा किया जा रहा था। गिरोह के सदस्य किराए पर बैंक खाते उपलब्ध कराते थे तथा विदेशी सिम और डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर ट्रांजेक्शन को छिपाने का प्रयास करते थे।
पुलिस जांच में बीते 25 दिनों के दौरान 19 बैंक खातों के माध्यम से चार करोड़ 35 लाख रुपये से अधिक की साइबर ठगी की रकम का ट्रांजेक्शन सामने आया है। इसके अलावा विदेशी चाइनीज वेबसाइट CESHI.TTTPYM.COM से जुड़े लगभग 38 करोड़ रुपये मूल्य के वित्तीय लेन-देन की जानकारी भी मिली है। पुलिस को अब तक कुल 114 बैंक खातों की डिटेल प्राप्त हुई है, जिनकी गहन जांच की जा रही है।
डिजिटल करेंसी के माध्यम से भी अवैध लेन-देन किए जाने की पुष्टि हुई है। पुलिस ने बाइनेंस प्लेटफॉर्म पर मौजूद 529 यूएसडीटी फ्रीज कराए हैं। साथ ही लगभग 37,966 यूएसडीटी यानी करीब 37 लाख 20 हजार रुपये के डिजिटल ट्रांजेक्शन का रिकॉर्ड भी मिला है। इसके अतिरिक्त आईडीबीआई बैंक के एक खाते में मौजूद 43 हजार 487 रुपये की राशि को भी होल्ड कराया गया है।
पुलिस का कहना है कि गिरोह के फरार सदस्यों की तलाश जारी है और मामले में कई अन्य महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है।
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हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया