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धर्मशाला, 26 मई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश की अपार आध्यात्मिक और पर्यटन क्षमता पर जोर देते हुए राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने मंगलवार को देवभूमि हिमाचल प्रदेश के लिए एक समर्पित और सुव्यवस्थित धार्मिक पर्यटन सर्किट बनाने का आह्वान किया। इसका उद्देश्य राज्य के मंदिरों, शक्तिपीठों, मठों और पवित्र स्थलों को बेहतर बुनियादी ढांचे, सुगम संपर्क और आधुनिक तीर्थयात्री सुविधाओं के माध्यम से जोड़ना है।
उन्होंने कहा कि इस पहल से न केवल राज्य की आध्यात्मिक पहचान मजबूत होगी, बल्कि रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे, स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का संरक्षण होगा। राज्यपाल ने मंगलवार को मां ज्वाला देवी मंदिर में दर्शन करने के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए यह बात कही। राज्यपाल के साथ उनकी पत्नी बिंदू गुप्ता भी थीं।
इस अवसर पर कविंदर गुप्ता ने हिमाचल प्रदेश और पूरे देश की शांति, समृद्धि और खुशहाली के लिए प्रार्थना की और देश भर में सुख और सद्भाव के लिए मां ज्वाला देवी का आशीर्वाद मांगा। राज्यपाल ने कहा कि हिमाचल प्रदेश अद्वितीय आध्यात्मिक संपदा से संपन्न है, जिसमें ज्वाला देवी, ब्रजेश्वरी देवी, चिंतपूर्णी, नैना देवी, चामुंडा देवी जैसे विश्व प्रसिद्ध तीर्थस्थल और राज्य की सुरम्य पहाड़ियों में फैले कई प्राचीन मंदिर और मठ शामिल हैं।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए और विश्व भर से श्रद्धालुओं को आकर्षित करने के लिए इन पवित्र स्थलों को एक व्यापक धार्मिक पर्यटन सर्किट के अंतर्गत एकीकृत करने की तत्काल आवश्यकता है।
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हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया