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धमतरी, 26 मई (हि.स.)।कुरुदविकासखंड के ग्राम डांडेसरा में खेतों में पराली जलाने की सूचना मिलने पर कृषि विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और किसानों की मदद से आग पर काबू पाया। खेतों में उठती लपटों को देखते हुए विभागीय अधिकारियों ने बिना देर किए आग बुझाने की कार्रवाई की।
इस दौरान अधिकारियों ने किसानों को समझाइश देते हुए बताया कि पराली जलाने से पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है और भूमि की उर्वरा शक्ति भी प्रभावित होती है। विभाग ने कहा कि नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के नियमों के तहत पराली जलाने वाले किसानों पर कार्रवाई का प्रावधान है तथा प्रति एकड़ 2500 रुपए तक अर्थदंड लगाया जा सकता है।
ग्रामीण कृषि विकास अधिकारी प्रेम ठाकुर ने किसानों से अपील की है कि वे खेतों में पराली न जलाएं और फसल अवशेषों का उपयोग जैविक खाद एवं अन्य कृषि कार्यों में करें। अधिकारियों ने बताया कि तेज गर्मी और हवा के कारण आग तेजी से फैल सकती है, जिससे बड़े नुकसान की आशंका रहती है। विभाग द्वारा गांव-गांव में जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। साथ ही सेटेलाइट के माध्यम से खेतों की निगरानी कर किसानों के खसरा और रकबा का आकलन किया जा रहा है, ताकि पराली जलाने की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा