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जगदलपुर, 26 मई (हि.स.)। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय बसाक एवं जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सी. मैत्री द्वारा मंगलवार को विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान अधिकारियों ने जमीनी स्तर पर उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा लिया और मैदानी अमले को पूरी निष्ठा के साथ शत-प्रतिशत कार्य करने की हिदायत दी।
स्वास्थ्य विभाग की इस टीम ने ग्रामीण क्षेत्रों का सघन भ्रमण करते हुए बस्तर विकासखंड के उप स्वास्थ्य केंद्र बालेंगा से अपने निरीक्षण की शुरुआत की। इसके पश्चात टीम ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मुंडागांव, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रोतमा, उप स्वास्थ्य केंद्र भैंसगांव और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र घोटिया का बारीकी से निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं को परखा। इसके साथ ही अधिकारियों की टीम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लोहंडीगुड़ा पहुंची और वहां की आपातकालीन व नियमित व्यवस्थाओं का अवलोकन किया।
निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ डॉ. संजय बसाक और जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सी. मैत्री ने राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय स्वास्थ्य योजनाओं की बिंदुवार प्रगति की गहन समीक्षा की। अधिकारियों ने राष्ट्रीय टीबी नियंत्रण कार्यक्रम और राष्ट्रीय मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम के तहत किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए गर्भवती व शिशुवती महिलाओं की समय पर जांच और उचित देखभाल हेतु निर्देश दिए। इसके साथ ही मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्रामीणों को इसके लाभ के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया गया। कैंसर से बचाव के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण एचपीवी वैक्सीन से लाभान्वित हो चुकी किशोरियों के फॉलोअप की जानकारी लेते हुए अधिकारियों ने नई किशोरियों को लाभांवित करने के लिए उनके माता-पिता की काउंसलिंग करने और उन्हें जागरूक करने के व्यावहारिक तरीके भी समझाने कहा।
टीकाकरण व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सी. मैत्री ने सभी रूरल हेल्थ ऑर्गनाइजर्स को यूविन पोर्टल पर शत-प्रतिशत प्रविष्टि सुनिश्चित करने और रिप्रोडक्टिव एंड चाइल्ड हेल्थ एंट्री को समय पर अपडेट करने की बात कही।
इसके अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत कोल्ड चैन हैंडलर्स को वैक्सीन के सही रखरखाव और वैक्सीन वायल मॉनिटर की बारीकियों के बारे में विस्तार से समझाया गया, ताकि टीकों की प्रभावशीलता और गुणवत्ता हर हाल में बनी रहे।
इस औचक निरीक्षण के दौरान सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में ग्रामीण स्वास्थ्य सहायक, स्टाफ नर्स और लैब टेक्नीशियन मौजुद पाए गए। वहीं आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में भी ग्रामीण स्वास्थ्य अधिकारी और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी उपस्थित रहकर अपनी सेवाएं दे रहे थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे